पटना (Patna): बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था (Law and Order) को लेकर विपक्ष ने नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक रणविजय साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिहार की मौजूदा शासन व्यवस्था ‘भगवान भरोसे और राम भरोसे’ चल रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अपराध का ग्राफ (Crime Graph) तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सत्ता के गलियारों में पूरी तरह ‘मौन’ छाया हुआ है। आरजेडी विधायक ने स्पष्ट किया कि बिहार में हत्या, अपहरण, मानव तस्करी (Human Trafficking) और बच्चों के साथ हो रहे अपराध अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता को पूरी तरह अपराधियों के रहमों-करम पर छोड़ दिया गया है। साहू ने चेतावनी दी कि इन हालातों के खिलाफ जल्द ही तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक विशाल ‘जन आंदोलन’ (Mass Protest) शुरू किया जाएगा।
Bihar Crime Rate: हत्या और अपहरण के बीच ‘राम भरोसे’ जनता
रणविजय साहू ने मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक स्थिति की तुलना ऐतिहासिक ‘JP Movement’ से की। उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में अन्याय और भ्रष्टाचार बढ़ता है, तब-तब एक बड़े संघर्ष का जन्म होता है। आरजेडी अब सड़क से सदन तक सरकार की विफलताओं को उजागर करने की रणनीति बना रही है। विधायक के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अपराधी समानांतर सरकार चला रहे हैं, जिसे रोकने में पुलिस प्रशासन (Police Administration) पूरी तरह विफल रहा है। विधायक ने सरकार पर ‘आर्थिक दिवालियापन’ (Financial Bankruptcy) का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग (Rural Works Department) समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में महीनों से ‘Pending Payments’ का भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदारों और कामगारों का पैसा रुके होने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं, जो राज्य की चरमराती आर्थिक स्थिति का संकेत है।
Liquor Ban Failure और AI Summit पर सरकार को घेरा
शराबबंदी कानून (Liquor Ban Law) को लेकर रणविजय साहू ने सरकार की नीतियों को ‘Mafia-friendly’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीली शराब से होने वाली हर मौत के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की कि इस कानून की विफलता पर लाया गया ‘Adjournment Motion’ (स्थगन प्रस्ताव) तुरंत पारित किया जाना चाहिए। साहू ने कहा कि सरकार के संरक्षण में ही सट्टा और शराब माफिया फल-फूल रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पटना में आयोजित ‘AI Summit’ के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को ‘Attack on Democracy’ (लोकतंत्र पर हमला) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलकर अपनी विफलताएं छिपाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सरकार की इन ‘अलोकतांत्रिक’ कार्रवाइयों के खिलाफ अपना विरोध और तेज करेगा।


