Sheikhpura News: पैन गांव विवाद सुलझाने पहुंचे SC/ST Commission अध्यक्ष, पुलिस को दिए निष्पक्ष Investigation के निर्देश

Patrakar Babu News Desk
3 Min Read
SC ST Commission Sheikhpura Visit

राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग (State SC/ST Commission) के अध्यक्ष धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान आज शेखपुरा के पैन गांव पहुंचे। नगर थाना क्षेत्र के इस गांव में दो समुदायों के बीच हाल ही में हुए जातीय संघर्ष के बाद आयोग की टीम ने ‘Spot Inspection’ किया। अध्यक्ष ने पीड़ित पक्ष (Victim Side) से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और स्थानीय प्रशासन को स्थिति सामान्य करने के कड़े निर्देश दिए। इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य गांव में सामाजिक समरसता (Social Harmony) बहाल करना और पुलिस की अब तक की कार्रवाई की समीक्षा करना था। आयोग की टीम ने दोनों समुदायों के साथ एक ‘Joint Meeting’ की। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष को इस मामले में न फंसाया जाए, लेकिन असली दोषियों के खिलाफ कठोर ‘Legal Action’ सुनिश्चित किया जाए।

Root Cause of Conflict: माता-पिता के नाम लिखवाने पर शुरू हुआ था विवाद

पैन गांव में विवाद की शुरुआत बीते 13 फरवरी को हुई थी। एक पक्ष द्वारा अपने निर्माणाधीन मकान पर दिवंगत माता-पिता का नाम लिखवाया जा रहा था, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। यह मामूली विवाद जल्द ही हिंसक ‘Caste Conflict’ में बदल गया। घटना के दौरान जमकर पत्थरबाजी और हमला हुआ, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का इलाज फिलहाल एक ‘Private Clinic’ में चल रहा है, जबकि दूसरे पक्ष से भी चार लोग चोटिल हुए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लोजपा (LJP) जिलाध्यक्ष ने भी पहले गांव का दौरा कर शांति की अपील की थी। अब राज्य आयोग के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में ‘Official Investigation’ तेज होने की उम्मीद है। अध्यक्ष मृणाल पासवान ने मीडिया से बात करते हुए इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया और गांव के बुजुर्गों से ‘Peace and Brotherhood’ बनाए रखने की सलाह दी।

Police Action and Monitoring: एसडीपीओ ने दी जांच की अपडेट

शेखपुरा के SDPO डॉ. राकेश कुमार ने आयोग के अध्यक्ष को बताया कि पुलिस ‘Continuous Action’ मोड में है। पुलिस टीम सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान की जा सके। गांव में तनाव को देखते हुए ‘Special Monitoring’ की जा रही है और पुलिस बल की तैनाती बरकरार है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया (Social Media) पर अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। आयोग के अध्यक्ष ने पुलिस को निर्देशित किया है कि इस केस की ‘Final Report’ निष्पक्ष साक्ष्यों के आधार पर तैयार की जाए। फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए ‘Community Policing’ का सहारा लिया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Share This Article
Follow:
Patrakar Babu News Desk (पत्रकार बाबू न्यूज़ डेस्क) हमारी पूरी संपादकीय टीम की सामूहिक आवाज़ है। यहाँ अनुभवी पत्रकारों, रिसर्चर्स और संपादकों की एक समर्पित टीम 24/7 काम करती है ताकि आप तक देश-दुनिया, राजनीति, शिक्षा और समाज से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर सबसे पहले और सटीकता के साथ पहुँच सके।
कोई टिप्पणी नहीं