पटना (Patna) में चर्चित नीट छात्रा की मौत (NEET Student Death Case) के मामले में शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को नया मोड़ आ गया है। बिहार के डीजीपी (DGP) विनय कुमार के आवास पर हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद पीड़ित परिवार बेहद नाराज और गुस्से में बाहर निकला। इस बैठक में SIT Team और सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने परिवार को जांच से जुड़े साक्ष्य दिखाए। छात्रा के भाई और मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को आत्महत्या (Suicide) करार देकर बंद करने का दबाव बना रहा है। परिजनों का दावा है कि उन्हें न्याय (Justice) की जगह सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। जबकि SIT की जांच रिपोर्ट (SIT Investigation Report), जो गृह मंत्री को सौंपी गई है, पटना के भीतर किसी भी तरह की आपराधिक घटना (Criminal Incident) से साफ इनकार कर रही है।
Allegations Against SIT Investigation
परिजनों ने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रा के मामा का आरोप है कि जांच एजेंसियां (Investigating Agencies) परिवार पर ही दबाव डाल रही हैं ताकि मामले को एकतरफा तरीके से सुसाइड घोषित किया जा सके। छात्रा की मां ने स्पष्ट कहा कि उन्हें CCTV Footage या कागजी साक्ष्यों से ज्यादा ठोस न्याय की दरकार है, जिससे वे अभी तक वंचित हैं। बताया जा रहा है कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट सार्वजनिक करने से पहले पुलिस प्रशासन ने परिजनों को संतुष्ट करने के उद्देश्य से उन्हें केस से जुड़ी बारीकियां समझाई थीं। हालांकि, पीड़ित परिवार पुलिस की इस थ्योरी को स्वीकार करने को तैयार नहीं है और इसे एक साजिश बता रहा है।
Deputy CM Summons Top Officials
DGP से मुलाकात के बाद परिवार को डिप्टी सीएम (Deputy CM) सम्राट चौधरी के आवास पर बुलाया गया था, लेकिन असंतुष्ट परिवार वहां नहीं पहुँचा। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डिप्टी सीएम ने मुख्य सचिव (Chief Secretary) प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार और पटना एसएसपी (Patna SSP) कार्तिकेय शर्मा को तलब किया। सरकार अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर यह प्रयास किया जा रहा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। फिलहाल, परिवार ने साफ कर दिया है कि वे SIT की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करते और आगे की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।


