केंद्र और बिहार सरकार द्वारा लागू किए जा रहे Four Labor Codes के विरोध में आज देशव्यापी हड़ताल (Nationwide Strike) का व्यापक असर पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में देखने को मिला। जिले के ऑटो चालकों और विभिन्न मजदूर संगठनों ने आज सुबह से ही सड़कों पर उतरकर Chakka Jam कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर टायर जलाकर आगजनी की गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। मोतिहारी जिला मुख्यालय में ऑटो संघ के सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए Labor Law मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं और इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
अवैध वसूली और बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना मुद्दा
हड़ताल पर बैठे ऑटो चालकों का गुस्सा सिर्फ Four Labor Codes तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम (Municipal Corporation) और नगर परिषद पर Illegal Recovery (अवैध वसूली) के गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ के नेताओं का कहना है कि प्रशासन ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से रोजाना पैसे वसूलता है, लेकिन उनके लिए कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। शहर में चालकों के लिए न तो कहीं पीने के पानी (Drinking Water) की व्यवस्था है और न ही व्यवस्थित ऑटो स्टैंड बनाए गए हैं। सुविधाओं के अभाव में जब चालक सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं, तो पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती है। इसी पुलिसिया कार्रवाई और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ आज जिले में Public Transport को पूरी तरह बंद रखा गया है।
प्रशासन को चेतावनी: ‘काला कानून’ वापस ले सरकार
यूनियन के नेता सत्येंद्र कुमार मिश्र ने मीडिया से बातचीत में इस नए कानून को ‘काला कानून’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इन मजदूर विरोधी नीतियों को वापस नहीं लेती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगर निगम तुरंत अवैध वसूली बंद करे और चालकों के लिए निर्धारित स्टैंड और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करे। स्थानीय प्रशासन फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, ऑटो संघ के कड़े रुख को देखते हुए फिलहाल राहत के आसार कम नजर आ रहे हैं। इस Protest Update पर नजर बनी हुई है कि प्रशासन की ओर से क्या ठोस आश्वासन मिलता है।


