पटना (Patna) में चल रहे Bihar Assembly Budget Session के दौरान आज उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कांग्रेस विधायक (MLA) Abhishek Ranjan सरकार का पुतला लेकर विधानसभा परिसर पहुँच गए। बिहार में लगातार बढ़ते अपराध और बिगड़ती Law and Order की स्थिति के खिलाफ यह एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन था। विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य में हत्या और बलात्कार जैसी जघन्य वारदातें बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। अभिषेक रंजन द्वारा लाए गए पुतले पर हाल की आपराधिक घटनाओं के पोस्टर और तस्वीरें चिपकाई गई थीं, जो सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही थीं। Budget Session के दौरान विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की रणनीति (Strategy) बना चुका है। इसी कड़ी में आज का यह प्रदर्शन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही चर्चा का विषय बन गया।
अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर ‘मौन’ सरकार के खिलाफ मोर्चा
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि बिहार में आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का जिक्र किया और सरकार से Status Report की मांग की। विधायक का तर्क है कि जब तक सदन में इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं होती, तब तक विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। विधानसभा (Vidhan Sabha) परिसर में हुई नारेबाजी के दौरान विधायक ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अपराधियों पर लगाम लगाने के बजाय विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने में लगा है। Protest के दौरान सुरक्षाकर्मियों को विधायक को पोर्टिको से हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
Budget Session में विपक्ष की घेराबंदी और अगली रणनीति
विधानसभा के भीतर भी आज इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर गृह विभाग के बजट पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। अभिषेक रंजन के इस पुतला प्रदर्शन ने सदन के भीतर होने वाली बहस को एक नई दिशा दे दी है। कांग्रेस और राजद (RJD) के अन्य सदस्यों ने भी इस Protest का समर्थन करते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई Official Response नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार सदन के भीतर अपराध के आंकड़ों के जरिए विपक्ष को जवाब देने की कोशिश करेगी। आगामी सत्रों में Law and Order का यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक गरमाने की संभावना है।


