बिहार में बढ़ते अपराध के आंकड़ों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राजद (RJD) के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दीकी द्वारा सदन में पेश किए गए Crime Data पर आज बिहार सरकार के मंत्री लखींद्र पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पटना में मीडिया से बात करते हुए पासवान ने सिद्दीकी के दावों को पूरी तरह आधारहीन बताया और कहा कि वर्तमान सरकार में अपराधियों के खिलाफ Zero Tolerance की नीति पर काम हो रहा है। मंत्री लखींद्र पासवान ने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा कि राजद के शासनकाल में अपराधियों को मुख्यमंत्री आवास से सीधा संरक्षण (Political Protection) मिलता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के दौरान अगर कहीं भी कोई घटना होती है, तो पुलिस तुरंत एक्शन लेती है और अपराधियों की Arrest सुनिश्चित की जाती है। पासवान के मुताबिक, अब किसी भी अपराधी की कोई ‘पैरवी’ नहीं सुनी जाती और कानून का शासन सख्ती से लागू है।
‘Jungle Raj’ की याद दिलाकर विपक्ष पर साधा निशाना
लखींद्र पासवान ने कहा कि अब्दुल बारी सिद्दीकी को उस दौर को याद करना चाहिए जब वे खुद सरकार का हिस्सा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बिहार की जनता दहशत में रहती थी और अपराधी बेलगाम थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे Crime Statistics को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं ताकि जनता के बीच भ्रम फैलाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि सिद्दीकी द्वारा सदन में पढ़ा गया डेटा केवल ‘अनाप-शनाप बयानबाजी’ है। पासवान के अनुसार, राजद के शासनकाल में होने वाले संगठित अपराध और आज की छिटपुट घटनाओं के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। सरकार हर जिले में Law and Order की स्थिति को लेकर सजग है और पुलिस प्रशासन को खुली छूट दी गई है।
Criminal Investigation और त्वरित कार्रवाई का दावा
बिहार सरकार के मंत्री ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में Criminal Investigation निष्पक्ष तरीके से होती है। किसी भी अपराधी को जाति या धर्म के आधार पर राहत नहीं दी जाती। पासवान ने कहा कि विपक्ष का दावा कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है क्योंकि आज अपराध होते ही अपराधी फौरन पकड़े जा रहे हैं। इस राजनीतिक बयानबाजी के बाद बिहार की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। जहाँ एक तरफ विपक्ष सरकार को अपराध के मोर्चे पर विफल बता रहा है, वहीं सरकार अपने Good Governance (सुशासन) के ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देकर पलटवार कर रही है। अब देखना यह है कि आगामी विधानसभा सत्र में विपक्ष इस Political Clash को और कितना तेज करता है।


