किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार ने आज अपने कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान ‘Zero Tolerance’ नीति का प्रदर्शन करते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। करीब दो दर्जन से अधिक फरियादियों की समस्याएं सुनने के बाद एसपी ने FIR दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले थानों को कड़ी फटकार लगाई। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रदेश में बेहतर Law and Order कायम करने के दावों के बीच किशनगंज पुलिस का यह कड़ा रुख प्रशासनिक सुधार की नई मिसाल पेश कर रहा है। एसपी संतोष कुमार ने खुद अपने चेंबर से बाहर निकलकर कतार में खड़े लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों का On-Spot निस्तारण किया। इस दौरान थानों द्वारा शिकायतकर्ताओं को दौड़ाने और मामला दर्ज न करने की बात सामने आने पर एसपी आगबबूला हो गए। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को तुरंत फोन कर सख्त निर्देश दिए कि जनता की फरियाद पर कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिश्वतखोर ASI सस्पेंड और पुलिसिया लापरवाही पर कड़ा प्रहार
जनसुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई कुर्लिकोट थाने में देखने को मिली। वहां तैनात सब-इंस्पेक्टर (ASI) दिलीप कुमार चौबे पर एक भूमि विवाद मामले में न्याय के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। एसपी ने प्रारंभिक जांच में आरोपों को सही पाया और आरोपी एएसआई को Immediate Suspension (तत्काल प्रभाव से निलंबन) का आदेश दिया। इतना ही नहीं, दोषी अधिकारी के खिलाफ उसी थाने में FIR भी दर्ज की गई है। एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस और जनता के बीच Public Trust बहाल करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतेगा या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Land Dispute और घरेलू विवादों का मौके पर समाधान
एसपी कार्यालय पहुंचे अधिकतर फरियादी Land Dispute (भूमि विवाद) और पारिवारिक झगड़ों से परेशान थे। कई लोगों ने शिकायत की कि वे पिछले छह महीनों से स्थानीय थानों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। एसपी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कई मामलों का तुरंत समाधान निकाला और पीड़ितों को सुरक्षा का आश्वासन दिया। एक पीड़ित फरियादी मोहम्मद सदरुल ने बताया कि एसपी से मिलने के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस कप्तान का मानना है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान Local Police Station स्तर पर ही होना चाहिए ताकि आम जनता को जिला मुख्यालय तक न भटकना पड़े। एसपी के इस मानवीय और कड़े रुख की पूरे जिले में सराहना हो रही है।


