बिहार के मोतिहारी (Motihari) में सुगौली रेल थाना पुलिस द्वारा बरामद की गई 24 किलो चरस के कोर्ट में ‘ईंट’ बन जाने के सनसनीखेज मामले में त्रि-सदस्यीय जांच टीम ने अपनी Official Report सौंप दी है। जांच में रेल थानाध्यक्ष, आरपीएफ इंस्पेक्टर और मजिस्ट्रेट (अंचलाधिकारी) सहित कई बड़े अधिकारियों को गंभीर रूप से दोषी पाया गया है। यह मामला अब पुलिस मुख्यालय (Police HQ) तक पहुंच गया है, जहां अब इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ Criminal Case दर्ज करने की तैयारी चल रही है। यह पूरा घटनाक्रम 5 मार्च को सुगौली रेल थाना में दर्ज FIR से शुरू हुआ था, जिसमें 24 किलो चरस की बरामदगी का आधिकारिक दावा किया गया था। इस बरामदगी को लेकर रेल डीएसपी ने बाकायदा Press Conference भी की थी। लेकिन चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ठीक 58 दिनों बाद इस खेप को कोर्ट में पेश किया गया। वहां नशीले पदार्थ की जगह बोरियों से ईंटें निकलीं, जिसने बिहार की कानून-व्यवस्था और Evidence Management पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
Investigation Report में खुले भ्रष्टाचार के चौंकाने वाले राज
रेल एसपी, आरपीएफ कमांडेंट और मोतिहारी एडीएम की संयुक्त जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जप्ती सूची (Seizure List) बनाने से लेकर मालखाने में रखने तक भारी हेरफेर की गई। रिपोर्ट के अनुसार, RPF Inspector, GRP Station In-charge, केस के I.O. (जांच अधिकारी) और जप्ती सूची तैयार करने वाले सुगौली अंचलाधिकारी (CO) इस पूरे Drug Scam में सीधे तौर पर जिम्मेदार पाए गए हैं। जांच टीम ने पाया कि जप्ती के समय नियमों का पालन नहीं किया गया और साक्ष्यों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ हुई। हैरानी की बात यह है कि जिस मजिस्ट्रेट (CO) की मौजूदगी में जप्ती दिखाई गई थी, उन्हें भी इस धांधली में संलिप्त पाया गया है। अधिकारियों की इस मिलीभगत ने बिहार पुलिस की छवि को गहरा धक्का पहुँचाया है।
दोषी पुलिस अधिकारियों पर दर्ज होगा Criminal Case
रेल एसपी ने पुष्टि की है कि दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है। रिपोर्ट में रेल डीएसपी (Rail DSP) को भी अनुश्रवण (Monitoring) में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है। मुख्यालय से निर्देश मिलते ही इन सभी अधिकारियों के विरुद्ध Legal Action लिया जाएगा और आपराधिक मुकदमे दायर किए जाएंगे। बिहार का यह हाई-प्रोफाइल मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग “चूहे शराब पी गए और अब चरस ईंट बन गई” जैसे कटाक्ष कर रहे हैं। इस Investigation Report के बाद अब देखना यह है कि प्रशासन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करता है ताकि भविष्य में Evidence Tampering जैसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।


