जामताड़ा (Jamtara): जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत दलाबड़ पंचायत के सूड़ियापानी गांव में पिछले एक साल से आंगनबाड़ी केंद्र (Anganwadi Center) पर ताला लटका हुआ है। सोमवार को ग्रामीणों ने एक बड़ी सामूहिक आम सभा (Public Meeting) आयोजित कर सेविका नमिता मुर्मू पर ड्यूटी से गायब रहने का गंभीर आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सेविका गांव में रहने के बजाय बाहर रहती हैं, जिसके कारण केंद्र का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के नाम एक ‘Official Complaint’ तैयार की है। सभा में मौजूद लोगों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सेविका या तो अपनी ‘Regular Duty’ निभाएं या तुरंत अपने पद से इस्तीफा (Resignation) दें, ताकि विभाग नई सेविका के लिए ‘Selection Process’ शुरू कर सके। केंद्र बंद रहने से सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुँच पा रहा है।
Education और Nutrition ठप: बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर संकट
दलाबड़ मुखिया प्रतिनिधि गुपीन सोरेन ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने से सैकड़ों छोटे बच्चों की पढ़ाई और ‘Nutritional Food’ (पोषण भोजन) पूरी तरह बंद है। शिक्षा के साथ-साथ यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं का भी प्रमुख हिस्सा होता है। केंद्र के बंद होने से गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण (Vaccination) और बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा, ग्रामीणों को ‘Birth and Death Certificate’ बनवाने, स्वेटर वितरण और अन्य सरकारी दस्तावेजों के सत्यापन में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी इस ‘Irregularity’ की शिकायत की थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई ‘Strict Action’ नहीं लिया है।
प्रशासन को अल्टीमेटम: ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण लखीश्वर मुर्मू और बलराम पाल ने साझा रूप से कहा कि सेविका का व्यवहार पूरी तरह मनमाना है। फोन पर संपर्क करने पर वह केवल बहाने बनाती हैं और गांव आने से कतराती हैं। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से वर्तमान सेविका का ‘Public Boycott’ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द केंद्र को सुचारू रूप से संचालित कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में प्रशासन ने इस पर ‘Formal Investigation’ शुरू नहीं की और नई सेविका के चयन की मांग को पूरा नहीं किया, तो वे नाला प्रखंड मुख्यालय पर उग्र ‘Public Protest’ करेंगे। इस संबंध में ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित आवेदन तैयार कर विभाग को भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।


