झारखंड के चाईबासा स्थित Saranda Forest में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शुक्रवार सुबह से भीषण Encounter जारी है। इस Anti-Naxal Operation में पिछले 36 घंटों के भीतर अब तक कुल 17 नक्सली मारे जा चुके हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में Security Forces ने 2 और नक्सलियों को मार गिराया है, जबकि इससे एक दिन पहले छोटानागरा थाना क्षेत्र में 15 नक्सली ढेर किए गए थे। Security Forces ने इस समय चाईबासा के घने जंगलों में कुख्यात नक्सली लीडर Misir Besra की घेराबंदी कर ली है। Search Operation के दौरान रुक-रुक कर हो रही गोलीबारी से पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है। सुरक्षा कारणों से घटनास्थल पर पहुँची प्रशासनिक टीम को वापस लौटा दिया गया है और पूरे क्षेत्र को High Alert पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह के Counter Attack से बचा जा सके।
Misir Besra की घेराबंदी और Security Forces की रणनीति
Intelligence Input के आधार पर चलाए जा रहे इस अभियान में सुरक्षाबलों का मुख्य उद्देश्य नक्सली संगठन के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना है। सूत्रों के मुताबिक, Saranda Forest के भीतर मिसिर बेसरा के दस्ते को चारों तरफ से घेर लिया गया है। घने जंगल और संवेदनशीलता को देखते हुए Dead Bodies को रिकवर करने का काम फिलहाल रुका हुआ है, क्योंकि सुरक्षाबल पहले पूरे इलाके में Area Domination सुनिश्चित करना चाहते हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह Operation नक्सलियों के प्रभाव को खत्म करने की दिशा में एक Decisive Turning Point साबित हो सकता है। जंगल में अभी भी कई नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है, जिसके कारण CRPF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें अत्यंत सावधानी के साथ Combing Operation को आगे बढ़ा रही हैं।
36 घंटों में नक्सली नेटवर्क को लगा “Decisive Blow”
पिछले दो दिनों में हुई यह कार्रवाई हाल के वर्षों में झारखंड का सबसे बड़ा Naxal Operation मानी जा रही है। गुरुवार को 15 और आज 2 नक्सलियों की मौत ने नक्सली संगठनों के नेटवर्क और उनके मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया है। Police Headquarters से मिल रही खबरों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की नई रणनीति अब बड़े नक्सली नेताओं को ट्रैक कर उनके कैडर्स को खत्म करने की है। सारंडा के जंगलों में चल रही इस मुठभेड़ पर State Government और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। नक्सलियों के खिलाफ यह Clean Sweep अभियान तब तक जारी रहने की उम्मीद है जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता। इस बड़ी सफलता को सुरक्षाबलों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।


