बिहार के औरंगाबाद जिले में दवा व्यवसाई (Medicine Businessman) जुनैद की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद जिले भर के दवा विक्रेताओं में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में आज जिले की सभी दवा दुकानें (Chemist Shops) विरोध स्वरूप बंद रखी गईं। शहर के व्यस्ततम इलाके में हुई इस वारदात ने पुलिस की चौकसी और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद दवा विक्रेता संघ ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा की गुहार लगाई है। दवा विक्रेता संघ ने अपराह्न तीन बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी चिंताएं साझा कीं। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि जिस प्रकार शहर के बीचों-बीच एक व्यापारी को निशाना बनाया गया, उससे हर दुकानदार असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि व्यापारियों के लिए ‘Safety Guidelines’ तय की जाएं और ‘Police Protection’ मुहैया कराई जाए, ताकि वे बिना किसी डर के अपना व्यापार जारी रख सकें।
‘6 PM Deadline’ की चेतावनी और प्रशासन को अल्टीमेटम
दवा विक्रेताओं ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। संघ के अनुसार, यदि पुलिस प्रशासन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा (Security Support) प्रदान करने में विफल रहता है, तो जिले के सभी दवा व्यवसाई शाम 6 बजते ही अपनी दुकानें बंद कर देंगे। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर देर रात तक सेवाएं नहीं दे सकते। अब यह जिला प्रशासन को तय करना होगा कि सुरक्षा के क्या इंतजाम किए जा रहे हैं।
SDPO और परिजनों का बयान: Investigation और इंसाफ की मांग
मृतक जुनैद के परिजन जिन्ना कुरैशी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए SDPO Aurangabad संजय कुमार ने आश्वासन दिया है कि पुलिस मामले की गहनता से ‘Investigation’ कर रही है। पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं जो संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने व्यापारियों से धैर्य बनाए रखने और ‘Strike’ वापस लेने की अपील की है, साथ ही बाजार क्षेत्र में गश्त (Patrolling) बढ़ाने का भरोसा दिया है।


