जामताड़ा में Cyber Crime पर लगाम कसने के लिए जिला पुलिस अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। पुलिस अधीक्षक (SP) राजकुमार मेहता ने सोमवार को बैंकों, CSP संचालकों और ATM प्रभारियों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि डेटा शेयरिंग में लापरवाही बरतने वालों पर अब सीधे Legal Action की जाएगी। जामताड़ा फिलहाल साइबर अपराध के मामलों में राज्य स्तर पर 14वें स्थान पर है, जिसे पुलिस प्रशासन ने एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया है। SP कार्यालय में आयोजित Press Conference के दौरान राजकुमार मेहता ने स्पष्ट किया कि यदि बैंक और CSP संचालक सुरक्षा मानकों और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी साझा करने में देरी करते हैं, तो जिले में साइबर अपराध का ग्राफ फिर से तेजी से बढ़ सकता है। पुलिस का मानना है कि कई मामलों में बैंकों और ATM प्रभारियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण अपराधियों तक पहुँचने में बाधा आ रही है।
Security Norms और संदिग्ध डेटा शेयरिंग पर सख्ती
जामताड़ा पुलिस ने पूर्व में ही सभी बैंकों और CSP Centres को सुरक्षा मानकों के अनुरूप CCTV Camera, अलार्म सिस्टम और मजबूत ग्रिल जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, Cyber Fraud से जुड़े Suspicious Transactions, अत्यधिक नकद निकासी (Cash Withdrawal) और म्यूट यानी संदिग्ध खातों से संबंधित डेटा तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने के लिए Official Guidelines जारी की गई थीं। बावजूद इसके, कई वित्तीय संस्थान और बैंक अब तक आवश्यक डेटा साझा करने में आनाकानी कर रहे हैं। SP ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब संदिग्ध खातों या ट्रांजेक्शन की सूचना तुरंत देना अनिवार्य (Mandatory) होगा। जो भी बैंक पदाधिकारी या संचालक पुलिस की Investigation में सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें साइबर अपराधियों को शह देने का दोषी मानते हुए उन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय और Zero Tolerance नीति
इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए समाहरणालय स्थित SGY Auditorium में जिले के सभी बैंकों के सीनियर अधिकारियों, CSP संचालकों और ATM प्रभारियों के साथ एक हाई-लेवल Official Meeting आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि साइबर ठगी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस और बैंकों के बीच रीयल-टाइम Coordination होना बेहद जरूरी है। SP राजकुमार मेहता ने भरोसा जताया कि यदि सभी संस्थान आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग तेज हो, तो जामताड़ा में Cyber Crime पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। पुलिस अब उन खातों पर विशेष नजर रख रही है जहाँ से थोड़े समय के भीतर बड़ी रकम का हेरफेर हुआ है। जिले में अपराधियों के खिलाफ Zero Tolerance की नीति अपनाते हुए छापेमारी और तकनीक-आधारित निगरानी को और अधिक आधुनिक बनाया जा रहा है।


