पटना के Shambhu Girls Hostel में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में एक सनसनीखेज Update सामने आया है। हॉस्टल परिसर का करीब 10 मिनट 54 सेकंड का CCTV Footage अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सबूत बन गया है। इस फुटेज में 6 जनवरी की दोपहर छात्रा के कमरे के बाहर हुई हलचल और उसे बेहोशी की हालत में बाहर ले जाने का पूरा घटनाक्रम दर्ज है। बिहार सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच CBI को सौंप दी है। 2 फरवरी से शुरू हो रहे Assembly Session से ठीक पहले लिए गए इस फैसले ने राज्य की सियासत में भी भूचाल ला दिया है। विपक्ष का आरोप है कि SIT (Special Investigation Team) पिछले 22 दिनों में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई, जिसके कारण अब केंद्रीय जांच एजेंसी को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
CCTV Footage में क्या दिखा? 10 मिनट की पूरी Timeline
हॉस्टल के गलियारे में लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजकर 50 मिनट पर छात्रा के कमरे के बाहर सहेलियों का जमावड़ा शुरू हुआ। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि छात्राएं बार-बार दरवाजा खटखटा रही थीं और आवाज लगा रही थीं, लेकिन अंदर से कोई Response नहीं मिल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के कमरों की अन्य छात्राएं भी वहां जमा हो गईं। लगभग 4 बजे एक महिला हॉस्टल के कॉरिडोर में प्रवेश करती है, जिसके बाद कमरा खोला जाता है। कुछ ही पलों बाद एक युवक छात्रा को गोद में उठाकर भागते हुए बाहर ले जाता है। यह पूरा घटनाक्रम अब कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है, जैसे दरवाजा अंदर से बंद क्यों था और समय रहते Emergency Medical Help क्यों नहीं मिल सकी? Forensic Experts अब इस फुटेज के हर फ्रेम की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
Political Controversy और CBI Investigation का दबाव
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि Legislative Assembly में जवाबदेही से बचने के लिए सरकार ने आनन-फानन में CBI Enquiry की सिफारिश की है। विपक्षी दलों का कहना है कि SIT की जांच में हुई देरी ने केस के महत्वपूर्ण Evidences के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश पैदा कर दी है। अब सबकी नजरें CBI की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा। जांच एजेंसी अब हॉस्टल के Management, वहां मौजूद छात्राओं और फुटेज में दिख रहे संदिग्ध लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल केस के सुलझने से ही पटना के हॉस्टल्स में रह रहे हजारों छात्रों की Safety and Security पर उठ रहे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।


