Patna City: राजधानी के पटना सिटी इलाके में आज पुलिस की विशेष शाखा STF (Special Task Force) और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ (Encounter) ने राज्य की राजनीति में नया विवाद छेड़ दिया है। इस फायरिंग के दौरान एक कुख्यात अपराधी को गोली लगी है, जिसे गंभीर हालत में Medical Treatment के लिए अस्पताल भेजा गया है। इस घटना के तुरंत बाद बिहार के सियासी गलियारों में ‘कानून व्यवस्था’ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। महाठबंधन के नेताओं ने इस Encounter की टाइमिंग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया है। राजद (RJD) विधायक भाई वीरेंद्र ने इस मामले में जातिगत आधार पर कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार चुनिंदा तरीके से अपराधियों को निशाना बना रही है।
STF Action और ‘Caste Politics’ पर छिड़ी जंग
राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बयान ने इस पूरे Criminal Investigation को राजनीतिक रंग दे दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि बिहार सरकार अपराधियों की जाति देखकर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह एक गुप्त सूचना के आधार पर किया गया Special Operation था, जिसमें अपराधियों ने पहले टीम पर फायरिंग शुरू की थी। इस विवाद ने सदन से लेकर सड़क तक सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।
“हर मोर्चे पर Fail है सरकार”: CPI-ML की तीखी प्रतिक्रिया
वहीं, भाकपा माले (CPI-ML) के विधायक अजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार केवल एनकाउंटर के नाम पर अपनी विफलताओं को छिपा नहीं सकती। विधायक अजय सिंह के अनुसार, चाहे वह NEET Paper Leak का मामला हो या दरभंगा में बच्ची के साथ हुई दरिंदगी, नीतीश सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल (Fail) साबित हुई है। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर मांग की है कि राज्य में Law and Order की बिगड़ती स्थिति पर मुख्यमंत्री को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह जनहित के मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों का सहारा ले रही है। फिलहाल, पटना सिटी में भारी पुलिस बल तैनात है और इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।


