बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज अंतर्गत पौथू थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय किशोरी द्वारा Suicide किए जाने का दुखद मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात पौथू गांव स्थित अपने घर में किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय Police टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को Post-mortem के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल (Sadar Hospital) भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार देर रात यह आत्मघाती कदम उठाया गया, जिसका पता चलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि, इस Hanging Case के पीछे की असल वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे पुलिस प्रशासन के सामने गुत्थी उलझ गई है।
परिजनों ने किसी भी घरेलू कलह या Mental Pressure से किया इनकार
सदर अस्पताल पहुंचे मृतका के परिजनों ने इस Incident को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया है और किसी भी संभावित कारण की जानकारी होने से असमर्थता जताई है। मृतका के दादा ने बताया कि घर में किसी भी तरह का घरेलू विवाद या तनाव नहीं था। परिजनों ने किशोरी के किसी प्रेम-प्रसंग (Affair) या किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव (Mental Pressure) की संभावना को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि किशोरी का व्यवहार सामान्य था और उसने अचानक यह कदम क्यों उठाया, यह उनके लिए समझ से परे है। पुलिस ने अस्पताल में परिजनों का बयान दर्ज कर लिया है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
Police Investigation और Post-mortem रिपोर्ट का इंतज़ार
पौथू थाना पुलिस ने इस मामले में Unnatural Death का मामला दर्ज कर लिया है। अस्पताल में आवश्यक कागजी कार्यवाही और Post-mortem के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में हर संभावित एंगल से जांच कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस को Post-mortem Report के आने का इंतज़ार है, ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके। इलाके में चर्चा है कि बिना किसी ठोस वजह के इतनी कम उम्र में किशोरी का ऐसा कदम उठाना सोशल मीडिया या किसी छिपे हुए दबाव का नतीजा भी हो सकता है, जिसकी पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है।


