बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने होली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक और प्रेरणादायक संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने 2005 से अब तक के अपने शासनकाल का Report Card पेश करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग ‘बिहारी’ कहलाने में शर्म महसूस करते थे, लेकिन आज बिहार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने राज्य की जनता को Holi Greetings देते हुए आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे, Education Sector और बिजली के क्षेत्र में आई क्रांति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2005 में जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब बिहार की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। आज बिहार ने न केवल सड़कों का जाल बिछाया है, बल्कि हर गांव तक Electricity Supply सुनिश्चित कर विकास की नई इबारत लिखी है।
Education और Health Services में क्रांतिकारी बदलाव
नीतीश कुमार ने शिक्षा को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में Free Education, पोशाक, साइकिल और Scholarship Schemes के माध्यम से ड्रॉप-आउट दर में भारी कमी आई है। उच्च शिक्षा के लिए उठाए गए कदमों और अस्पतालों के आधुनिकीकरण ने बिहार के Healthcare System को मजबूती दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब राज्य के सुदूर ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के पास ही मिल रही हैं।
Women Empowerment: 50% आरक्षण और ‘जीविका’ की सफलता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से Women Empowerment (महिला सशक्तिकरण) पर जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने पंचायतों में महिलाओं को 50% Reservation दिया। इसके अलावा, ‘जीविका’ समूहों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है। Official Report के अनुसार, बिहार के विकास की इस रफ्तार में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम रही है। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि वे बिहार को और आगे ले जाने के लिए अपना सहयोग और समर्थन जारी रखें।


