पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने राजधानी पटना का नाम बदलकर ‘पाटलिपुत्र’ करने की अपनी पार्टी की पुरानी मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है। विधायक ने स्पष्ट किया कि पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा लंबे समय से इस ऐतिहासिक बदलाव की वकालत कर रहे हैं और अब बिहार सरकार को इस पर Official Decision लेते हुए निश्चित रूप से संज्ञान लेना चाहिए। बजट सत्र के बीच मीडिया से मुखातिब होते हुए माधव आनंद ने विपक्ष, विशेषकर तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। यदि तेजस्वी यादव सदन के पटल पर सार्थक और तथ्यों पर आधारित बातें रखेंगे, तो सत्ता पक्ष उन्हें गंभीरता से सुनेगा, लेकिन यदि वे “बेतूकी” बयानबाजी करेंगे, तो उस पर ध्यान देने का कोई औचित्य नहीं है।
“पैसा नहीं है” का दावा मूर्खतापूर्ण: बजट पर विपक्ष को आईना
विपक्ष द्वारा बिहार के भारी-भरकम बजट पर सवाल उठाने और सरकार के पास फंड की कमी होने के आरोपों पर माधव आनंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सवाल ही “मूर्खतापूर्ण” है कि सरकार के पास पैसा नहीं है। विधायक के अनुसार, बिना वित्तीय संसाधनों के इतना बड़ा Bihar Budget 2026 पेश करना असंभव है। उन्होंने वित्त मंत्री के बजट की सराहना करते हुए इसे राज्य की प्रगति का आधार बताया। विधायक ने जोर देकर कहा कि बिहार सरकार के पास न केवल पैसा है, बल्कि विकास को धरातल पर उतारने का स्पष्ट विजन भी है। विपक्ष द्वारा बजट सत्र के दौरान खड़े किए गए वित्तीय बाधाओं के दावों को उन्होंने जनता को गुमराह करने वाला बताया और Budget Allocation को ऐतिहासिक करार दिया।
सुशासन का दावा और पार्टी में ‘All is Well’ की स्थिति
राज्य में Law and Order (कानून-व्यवस्था) को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए माधव आनंद ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में “सुशासन” की सरकार चल रही है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया। मधुबनी में एक खास समुदाय पर केस दर्ज होने के मामले पर उन्होंने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई Official Statement देंगे। पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और विधायक रामेश्वर महतो की नाराजगी की खबरों को भी उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी में कोई नाराजगी नहीं है और सब कुछ All is Well है। RLM पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है।


