13 जनवरी 2026 | सासाराम, रोहतास (बिहार)
रोहतास जिले के नोखा बाज़ार समिति परिसर में स्थानीय दलित मजदूरों के अधिकारों को लेकर भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं चेनारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अमित पासवान के नेतृत्व में जोरदार आंदोलन शुरू किया गया है। यह धरना नोखा बाज़ार समिति स्थित SFC गोदाम में कार्यरत अनुसूचित जाति वर्ग के मजदूरों के साथ हो रहे कथित शोषण के विरोध में किया जा रहा है।
धरना स्थल पर मौजूद अमित पासवान ने आरोप लगाया है कि नोखा बाज़ार समिति के गोदाम में बाहरी ठीकेदारों और मेठों की मिलीभगत से स्थानीय मजदूरों को लगातार काम से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की जमीन अधिग्रहित कर गोदाम का निर्माण किया गया, आज उन्हीं मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है जबकि बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अमित पासवान ने बताया कि ठीकेदार और मेठ अपने सगे-संबंधियों को काम पर रख रहे हैं और स्थानीय गरीब मजदूरों को जबरन हटाया जा रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे अनुसूचित जाति के मजदूरों पर बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया गया, जिसे उन्होंने बेहद निंदनीय और शर्मनाक बताया।
मजदूरों की मुख्य मांगें और आंदोलन का भविष्य
धरना सुबह से शुरू होकर देर रात तक जारी रहा और इस दौरान वरीय पदाधिकारियों से मजदूरों की मांगों को लेकर बातचीत भी की गई। अमित पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक मजदूरों को उनका वाजिब हक नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मजदूरों ने नोखा बाज़ार समिति में स्थानीय मजदूरों को काम में प्राथमिकता देने, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित अनुसूचित जाति के लोगों को रोजगार सुनिश्चित करने, बाहरी ठीकेदारों और मेठों की मनमानी पर रोक लगाने तथा अनुसूचित जाति वर्ग से मेठ की नियुक्ति की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में दिनभर गहमागहमी बनी रही और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। यह आंदोलन दलित मजदूरों के अधिकारों और उनके रोजगार की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Key Points:
- SFC गोदाम में अनुसूचित जाति मजदूरों का कथित शोषण
- भूमि अधिग्रहण के बाद स्थानीय मजदूरों को नौकरी से वंचित करना
- ठीकेदारों का भाई-भतीजावाद और पक्षपात
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला
- अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा


