बिहार के शेखपुरा रेल पुलिस (GRP) ने शनिवार देर शाम एक 15 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त किशोर को सुरक्षित बरामद किया है। युवक की पहचान पटना जिले के बाढ़ NTPC निवासी सुले यादव के पुत्र रौशन कुमार के रूप में हुई है। यात्रियों की सजगता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से युवक को समय रहते सुरक्षित Railway Police Station पहुँचाया गया। रेल थानाध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद ने बताया कि यह युवक देर शाम करीब 7:30 बजे रामपुरहाट ट्रेन (Rampurhat Train) से शेखपुरा स्टेशन पर उतरा था। प्लेटफार्म पर अकेले भटकते देख यात्रियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने तत्काल Investigation शुरू की और उसके शरीर पर मौजूद पहचान के निशानों की तलाश की।
‘Godna’ बना मददगार: हाथ पर लिखे Mobile Number से मिली पहचान
आधुनिक तकनीक के इस दौर में युवक के हाथ पर गुदा हुआ पुराना ‘गोदना’ (Tattoo) उसके लिए जीवनदान साबित हुआ। युवक के हाथ पर उसके घर का पता और परिजनों का Mobile Number स्थायी रूप से अंकित था। इसी जानकारी के आधार पर GRP Police ने तत्काल नंबर डायल कर उसके परिवार से संपर्क (Contact) साधा। परिजनों ने युवक के लापता होने की पुष्टि की है और वे शेखपुरा के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि युवक मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है, जिस कारण वह रास्ता भटक कर ट्रेन में सवार हो गया था। परिजनों द्वारा अपनाई गई यह पारंपरिक सुरक्षा पद्धति (हाथ पर पता लिखवाना) आज एक बड़े हादसे को टालने में सफल रही।
Legal Process के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा युवक
रेल थानाध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद के अनुसार, युवक फिलहाल पुलिस की देखरेख में सुरक्षित है। पुलिस प्रशासन द्वारा परिवार के आने का इंतज़ार किया जा रहा है। जैसे ही परिजन स्टेशन पहुँचेंगे, आवश्यक कागजी कार्यवाही और Verification Process पूरा करने के बाद युवक को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। शेखपुरा पुलिस की इस संवेदनशीलता और मुस्तैदी की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। इस Case Study से यह भी स्पष्ट होता है कि विक्षिप्त बच्चों या बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए उनकी पहचान साथ रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि ट्रेनों में किसी भी लावारिस या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही तुरंत Official Notification पुलिस को दें।


