National General Strike: Jamtara में Highway जाम; Four Labor Codes के खिलाफ मजदूरों का हल्लाबोल

Patrakar Babu News Desk
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National General Strike Jamtara

जामताड़ा में आज National General Strike (राष्ट्रीय आम हड़ताल) का व्यापक असर देखने को मिला, जहां केंद्रीय श्रमिक संगठनों और MGNREGA संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। आज दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच पोसोई मोड़ स्थित गोविंदपुर–साहिबगंज हाईवे पर उग्र Chakka Jam किया गया, जिससे घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। यह देशव्यापी प्रदर्शन मुख्य रूप से Four Labor Codes को वापस लेने, फसलों पर MSP Legal Guarantee सुनिश्चित करने और बिजली विधेयक 2025 को रद्द करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। AICTU सहित विभिन्न ग्रामीण मजदूर संगठनों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों का मांग पत्र प्रशासन को सौंपा।

Four Labor Codes और MSP को लेकर आर-पार की जंग

हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कानून मजदूरों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। Minimum Wage (न्यूनतम वेतन) को बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रतिमाह करने और सभी बुजुर्ग श्रमिकों के लिए 10,000 रुपये Monthly Pension सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। मजदूर नेताओं का कहना है कि यह बदलाव कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं। संगठनों ने आरोप लगाया कि New Seed Bill और बिजली संशोधन विधेयक 2025 आम जनता और किसानों की कमर तोड़ने वाले हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सभी विभागों में खाली पड़ी Government Vacancies को तुरंत भरा जाए और वर्षों से कार्यरत स्कीम कर्मियों (Scheme Workers) को Permanent Employee का दर्जा देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।

MGNREGA बहाली और हाईवे जाम से थमी शहर की रफ्तार

जामताड़ा के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गोविंदपुर–साहिबगंज हाईवे पर प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने MGNREGA के बजट में कटौती और इसमें हो रहे तकनीकी बदलावों का विरोध करते हुए इसे पूर्ण रूप से Restoration करने और काम के दिनों को बढ़ाने की मांग की। AICTU सदस्य चंडीदास पुरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल वेतन की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और Constitutional Rights की रक्षा के लिए है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मोड़ पर सुरक्षा बलों की तैनाती की थी। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन Public Demands पर विचार नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।

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