जामतड़ा, झारखंड: केंद्रीय श्रमिक संगठनों और किसान मोर्चों द्वारा आहूत 12 February National Strike को सफल बनाने के लिए सोमवार को जामताड़ा के नाला प्रखंड में जोरदार नुक्कड़ सभा की गई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और अन्य सहयोगी दलों ने बजरंगबली चौक पर एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला। इस सभा का नेतृत्व भाकपा नेता विमलकांत घोष और राष्ट्रीय परिषद सदस्य कन्हाई चंद्र मालपहाड़िया ने किया।इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल के लिए जनसमर्थन जुटाना है। प्रदर्शनकारियों ने Labour Codes, बिजली विधेयक 2025 और नए बीज विधेयक को वापस लेने की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि सरकार की नई नीतियां मेहनतकश जनता और किसानों के अधिकारों का हनन कर रही हैं, जिसे रोकने के लिए National Strike का आह्वान किया गया है।
Labour Codes और Electricity Bill 2025 पर कड़ा ऐतराज
भाकपा नेता कन्हाई चंद्र मालपहाड़िया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नए Labour Codes लागू होने से मजदूरों के काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 हो जाएंगे। इससे स्थायी रोजगार, Reservation, और Minimum Wage जैसे बुनियादी अधिकार खत्म होने का खतरा है। उन्होंने मनरेगा (MGNREGA) के फंड स्ट्रक्चर में बदलाव पर भी चिंता जताई, जहां केंद्र का हिस्सा 90% से घटाकर 60% करने की तैयारी है, जिससे ग्रामीण रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा। वक्ताओं ने Electricity Bill 2025 को निजी कंपनियों के फायदे वाला बताया। उनका कहना है कि इस कानून से बिजली उत्पादन और वितरण पूरी तरह Private Companies के हाथ में चला जाएगा, जिससे आम आदमी को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी। साथ ही, नए बीज विधेयक के तहत किसानों पर बिना पंजीकरण बीज बेचने या बांटने पर भारी जुर्माना लगाने के प्रावधान का भी पुरजोर विरोध किया गया।
12 February को चक्का जाम: जानें Timing और Traffic Routes
आगामी 12 फरवरी को होने वाली इस National Strike के दौरान जामताड़ा जिला पूरी तरह प्रभावित रहने वाला है। ट्रेड यूनियनों ने दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक मुख्य सड़कों पर चक्का जाम करने का ऐलान किया है। इस दौरान नाला-आसनसोल मुख्य मार्ग, फतेहपुर रोड, और कुंडहित के धेनुकडीह मोड़ जैसे प्रमुख रूट बाधित रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी 17 सूत्री मांगें नहीं मानी जातीं, संघर्ष जारी रहेगा। यूनियनों की प्रमुख मांगों में ₹26,000 Minimum Wage, ₹10,000 मासिक Pension, और सभी फसलों पर MSP Guarantee शामिल है। इसके अलावा, संविदा कर्मियों (Scheme Workers) को स्थायी करने और सरकारी पदों पर तत्काल भर्ती सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। 10 ट्रेड यूनियनों के इस संयुक्त आह्वान ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।


