बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर Patna से आ रही है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के अंदर चल रही बड़ी बगावत को शांत करने के लिए Masterstroke खेला है। पार्टी में संभावित Split को रोकने के लिए कुशवाहा ने शुक्रवार को बड़ी सांगठनिक नियुक्तियों का ऐलान किया। मधुबनी के विधायक और वरिष्ठ नेता माधव आनंद को पार्टी का National Executive President नियुक्त किया गया है, जबकि दिनारा विधायक आलोक सिंह को Bihar State President की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बिहार में नई सरकार के गठन और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को Minister बनाए जाने के बाद से पार्टी के कई विधायक नाराज चल रहे थे। Internal Source के मुताबिक, पार्टी के चार में से तीन विधायकों की नाराजगी इस कदर बढ़ गई थी कि उन्होंने नए साल पर आयोजित ‘लिट्टी पार्टी’ का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद इन विधायकों ने दिल्ली में BJP के Working President से मुलाकात की थी, जिससे पार्टी के भविष्य पर संकट मंडराने लगा था।
Ministerial Berth और ‘Litti Party’ विवाद का पटाक्षेप
पार्टी के अंदर असंतोष की मुख्य वजह Decision-Making में उपेक्षा और परिवारवाद के आरोप थे। विधायकों की नाराजगी और Political Circles में चल रही टूट की खबरों के बीच उपेंद्र कुशवाहा पिछले कई दिनों से Damage Control में जुटे थे। आज पटना में आयोजित High-Level Meeting में कुशवाहा ने नाराज नेताओं को मनाते हुए यह साफ कर दिया कि पार्टी में वरिष्ठता और अनुभव को पूरा सम्मान दिया जाएगा। माधव आनंद की National Level पर पदोन्नति इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
2026 के लिए New Organizational Structure तैयार
नई नियुक्तियों के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए अपनी Core Team को री-स्ट्रक्चर कर लिया है। आलोक सिंह को State President बनाकर कुशवाहा ने अपने Social Equation को संतुलित करने की कोशिश की है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस नई टीम के गठन से न केवल विधायकों की नाराजगी खत्म होगी, बल्कि Ground Level पर कार्यकर्ताओं के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह नई Leadership पार्टी में मची कलह को पूरी तरह खत्म कर पाएगी।


