बिहार की राजधानी पटना (Patna) के होटल मौर्या में शनिवार, 31 जनवरी 2026 से दो दिवसीय विशाल मेडिकल सम्मेलन ‘पटना नी कोर्स 26’ (Patna Knee Course 26) शुरू होने जा रहा है। इंडियन आर्थोप्लास्टी सोसाइटी (Indian Arthroplasty Society) के तत्वावधान में आयोजित इस साइंटिफिक प्रोग्राम (Scientific Program) में घुटने की सर्जरी, ट्रामा और स्पोर्ट्स इंजरी की नवीनतम तकनीकों पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में देश-विदेश के लगभग 650 दिग्गज हड्डी रोग विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। आर्गेनाईजिंग सेक्रेटरी डॉ. निशिकांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य थीम ‘All Around Knee’ रखा गया है। इसमें विशेष रूप से इस बात पर गहन शोध (Research) साझा किया जाएगा कि महिलाओं के घुटने पुरुषों की तुलना में कितने अलग होते हैं और उनके लिए किस तरह की विशेष सर्जिकल एप्रोच की आवश्यकता होती है।
Global Faculty and Latest Medical Trends
इस दो दिवसीय सम्मेलन में चिकित्सा जगत के इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स (International Experts) भी शिरकत कर रहे हैं। गेस्ट फैकल्टी में ऑस्ट्रेलिया के डॉ. एंथोनी सिल्वा और अमेरिका के डॉ. हेरिक सियगल शामिल हैं। इनके अलावा भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे AIIMS Delhi के डॉ. विवेक त्रिखा, सफदरजंग के डॉ. आशीष जैमन और चंडीगढ़ के डॉ. मनुज वाधवा अपनी केस स्टडीज (Case Studies) और अनुभव साझा करेंगे। डॉ. सौरभ चौधरी और डॉ. गुरुदेव कुमार के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य युवा सर्जनों को आर्थोप्लास्टी (Arthroplasty) और ट्रामा (Trauma) के क्षेत्र में आ रहे बदलावों से अपडेट करना है। पुणे के डॉ. पराग संचेती और दिल्ली के डॉ. सी एस यादव जैसे एक्सपर्ट्स जटिल सर्जरी और रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट (Robotic Knee Replacement) जैसी आधुनिक तकनीकों पर सत्र आयोजित करेंगे।
Focus on Women’s Knee Health and Trauma
कार्यक्रम में महिलाओं के घुटनों की संरचना और उनमें होने वाली समस्याओं को केंद्र में रखा गया है। डॉ. निशिकांत कुमार ने स्पष्ट किया कि जेंडर-स्पेसिफिक नी इंप्लांट्स और सर्जरी के परिणामों पर विशेषज्ञों के बीच विस्तृत चर्चा होगी। इसके साथ ही स्पोर्ट्स इंजरी (Sports Injury) के बढ़ते मामलों और उनके त्वरित उपचार के लिए अपनाई जा रही नई पद्धतियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अमूल्य सिंह, डॉ. रमित गुंजन और डॉ. वरुण नारूला सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह साइंटिफिक प्रोग्राम बिहार में चिकित्सा विज्ञान और ऑर्थोपेडिक सर्जरी (Orthopedic Surgery) के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।


