पटना/नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए Union Budget 2026 में आम जनता को स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत देने के लिए कई बड़े दावे किए गए हैं। वित्त मंत्री ने Cancer Medicines और अन्य Life-saving Drugs पर Customs Duty घटाने का ऐलान किया है। हालांकि, बिहार की राजनीति इस मुद्दे पर गरमा गई है। मनेर से RJD MLA Bhai Virendra ने सोमवार को बिहार विधानसभा परिसर में सरकार के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘धोखा’ करार दिया है। विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि बाजार में धड़ल्ले से Fake Medicines बेची जा रही हैं और सरकार सिर्फ विज्ञापन के जरिए अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि अगर सरकार दवाओं पर छूट दे रही है, तो मरीज ठीक क्यों नहीं हो रहे? उनके अनुसार, बाजार में उपलब्ध दवाएं प्रभावहीन हैं, जिससे रोगियों को Disease Recovery में कोई मदद नहीं मिल रही है।
Spurious Drugs और ‘नकली दवा’ माफिया पर गंभीर आरोप
आरजेडी विधायक ने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि Pharmaceutical Companies और बड़े नेताओं के संरक्षण में Spurious Drugs का धंधा फल-फूल रहा है। बजट में दी गई छूट केवल कागजी है क्योंकि धरातल पर मरीजों को सस्ती और असली दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि दवा कंपनियां भारी मुनाफे के लिए Quality Control से समझौता कर रही हैं और सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सरकार Drug Regulatory System को मजबूत नहीं करती, तब तक बजट में दी गई Tax Rebate या Customs Duty Exemption का लाभ मरीजों तक नहीं पहुंचेगा। विधायक के अनुसार, आम आदमी आज भी महंगे और नकली इलाज के बीच पीस रहा है, जबकि Official Data में सब कुछ ठीक दिखाया जा रहा है।
NEET Case में सरकार फेल, UGC नियमों का किया समर्थन
दवाओं के अलावा भाई वीरेंद्र ने शिक्षा क्षेत्र और हालिया NEET Student Case को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और NEET Exam से जुड़ी गड़बड़ियों ने छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में सरकार पूरी तरह ‘फेल’ साबित हुई है और अपने करीबियों को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, एक चौंकाने वाले रुख में उन्होंने UGC (University Grants Commission) के नए नियमों का समर्थन किया। भाई वीरेंद्र का मानना है कि UGC Equity Regulations पिछड़े और दलित वर्ग के छात्रों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक सही कदम बताया, जबकि अन्य मुद्दों पर वह एनडीए सरकार के प्रति काफी आक्रामक नजर आए।


