पटना: बिहार विधानसभा के Budget Session में आज विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने पेश किए गए Bihar Budget 2026 को पूरी तरह “घिसा-पिटा” और जनविरोधी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास राज्य के विकास के लिए कोई नई सोच नहीं है और बजट में केवल पुरानी योजनाओं की ही री-पैकेजिंग की गई है। विधायक भाई वीरेंद्र ने सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि Official Proposals और विपक्ष के सवालों पर सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो राजद विधायक सदन से Walkout करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस बार केवल रस्म अदायगी के लिए चर्चा नहीं करेगा, बल्कि सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए उग्र विरोध (Protest) भी करेगा।
राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर उठाए गंभीर सवाल
भाई वीरेंद्र ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बजट में मौलिकता का पूरी तरह अभाव है। उन्होंने दावा किया कि “सरकार ने जो स्क्रिप्ट लिखकर दी, वही महामहिम राज्यपाल (Governor) ने सदन में पढ़ दी।” उनके अनुसार, यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार के पास बिहार के युवाओं और किसानों के लिए कोई Fresh Roadmap या नई कल्याणकारी योजनाएं नहीं हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट के नाम पर राज्य की जनता को केवल आंकड़ों के जाल में उलझाया जा रहा है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि पुरानी योजनाओं को दोहराने से जमीन पर कोई बदलाव नहीं आने वाला है। राजद अब सदन के भीतर इन Technical Points पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है।
कार्यसूची पर बहस और बहिष्कार की रणनीति
राजद विधायक ने बजट सत्र की कार्यसूची (Agenda) का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष हर प्रस्ताव पर बारीकी से बहस चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सत्ता पक्ष ने चर्चा से भागने की कोशिश की या विपक्ष की आवाज़ दबाई, तो सदन के भीतर और बाहर कड़ा विरोध देखने को मिलेगा। भाई वीरेंद्र ने साफ़ लहजे में कहा, “हम देखेंगे कि सरकार हमारी बातों का क्या जवाब देती है।” यदि Selection Process और विकास कार्यों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो Walkout करना विपक्ष के पास अंतिम विकल्प होगा। इस बयान के बाद बिहार की सियासत में बजट को लेकर टकराव और बढ़ने के आसार हैं।


