Patna: बिहार विधानसभा में विपक्ष द्वारा ‘कानून-व्यवस्था’ (Law and Order) को लेकर किए जा रहे हंगामे पर सत्ता पक्ष ने कड़ा पलटवार किया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने आज पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि विपक्ष के पास वर्तमान में जनता से जुड़ा कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों को “नकारात्मक राजनीति का पोषक” करार देते हुए कहा कि सदन में शोर मचाने के बजाय उन्हें सार्थक बहस (Seductive Debate) में विश्वास करना चाहिए। माधव आनंद ने स्पष्ट किया कि एनडीए (NDA) सरकार राज्य के सभी वर्गों के लिए समावेशी विकास का काम कर रही है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को सलाह दी कि वे अपनी आवाज मजबूती और शालीनता के साथ सदन के पटल पर रखें, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए सदन की कार्यवाही बाधित करें।
Bhai Virendra के बयानों को बताया ‘गैर-गंभीर’
राजद (RJD) विधायक भाई वीरेंद्र द्वारा जातिगत आधार पर कार्रवाई के आरोपों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए माधव आनंद ने कहा कि उनके बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष के शीर्ष नेताओं को ही जनता अब गंभीरता से नहीं ले रही, तो उनके विधायकों के बेबुनियाद आरोपों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी की जाति देखकर नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर ‘Zero Tolerance Policy’ के तहत कार्रवाई करती है।
NEET Case और CBI Investigation पर बड़ी सफाई
शिक्षा और छात्रों से जुड़े NEET Case पर बोलते हुए माधव आनंद ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि CBI ने केस स्वीकार नहीं किया है। विधायक ने दावा किया कि राज्य सरकार ने पहले ही Official Recommendation भेज दी है और CBI जल्द ही इसकी औपचारिक जांच शुरू करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि Central Bureau of Investigation इस पूरे मामले की तह तक जाकर दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। इस बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि बिहार विधानसभा के आगामी सत्रों में Law and Order और Education Reforms को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार और तेज होने वाला है।


