छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘जातिगत जनगणना’ (Caste Politics) जैसा मुद्दा गरमा गया है, लेकिन इस बार चिंगारी किसी विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के नेता ने भड़काई है। छिंदवाड़ा में BJP District President शेषराव यादव (Sheshrao Yadav) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से Viral हो रहा है, जिसमें वे ब्राह्मण समाज (Brahmin Community) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं।
रविवार को पाल समाज के ‘युवक-युवती परिचय सम्मेलन’ में सांसद बंटी विवेक साहू की मौजूदगी में शेषराव यादव ने मंच से “जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी” का नारा बुलंद कर दिया। ओबीसी (OBC) समाज को एकजुट करने के जोश में उन्होंने यहां तक कह दिया कि “पंडितों का काम सिर्फ पूजा कराना और दिमाग देना है, सत्ता चलाना नहीं।” वीडियो वायरल होते ही पार्टी के अंदर और बाहर हड़कंप मच गया, जिसके बाद जिला अध्यक्ष को बैकफुट पर आकर तत्काल Official Apology जारी करनी पड़ी।
‘भेड़-बकरियों’ से की तुलना: क्या कहा शेषराव यादव ने?
पूजा लॉन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शेषराव यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ओबीसी वर्ग से आते हैं। उन्होंने कहा, “अगर पिछड़े वर्ग को समेटो तो 90% हिंदुस्तान इसमें आ जाता है, लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि हम सीधी लाइन में नहीं चल पाते। इसी कारण छोटे समाज के लोग (Brahmins) हमारे ऊपर राज करते हैं।”
विवाद तब बढ़ा जब उन्होंने ब्राह्मण समाज पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “पंडित समाज का काम है दिमाग देना और पूजा करवाना। करेंगे तो हम ही ना, लेकिन सत्ता में भी वो ही और पूजा में भी वो ही?” उन्होंने अपने ही समाज की तुलना जानवरों से करते हुए कहा, “शेर अकेला वोट डालता तो सरकार नहीं बनती। सरकार भेड़-बकरियों की वजह से बनती है और हम (OBC) भी गाय-भैंस की तरह ज्यादा संख्या में हैं, फिर भी हमारी सरकार नहीं बनती।”
Damage Control: विवाद बढ़ते ही मांगी माफी
सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज और विपक्ष द्वारा घेरे जाने के बाद शेषराव यादव ने तुरंत डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।
अपनी सफाई में यादव ने कहा, “मैं पाल समाज के कार्यक्रम में सभी समाजों की एकजुटता (Unity) की बात कर रहा था। अगर मेरे शब्दों से ब्राह्मण समाज को ठेस पहुंची है, तो मैं क्षमा चाहता हूं। बीजेपी ‘सामाजिक समरसता’ (Social Harmony) में विश्वास रखती है और मैं पार्टी के सिद्धांतों का पालन करता हूं।” हालांकि, सियासी जानकारों का मानना है कि बीजेपी के ‘कोर वोट बैंक’ पर अपने ही नेता का यह हमला पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।


