Patna News: केंद्रीय बजट 2026 के पेश होते ही बिहार की सियासत में उबाल आ गया है। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस बजट को ‘अर्थव्यवस्था की तबाही’ और ‘बिहार के साथ धोखा’ करार दिया है। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने Stock Market में आई भारी गिरावट का हवाला देते हुए इसे प्रलयंकारी बजट बताया। वहीं, राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि Union Budget 2026 में बिहार के लिए पलायन और उद्योग जैसे बुनियादी मुद्दों पर चुप्पी साध ली गई है।इस राजनीतिक घमासान की मुख्य वजह बजट पेश होने के तुरंत बाद Sensex में 1600 अंकों और Nifty में 500 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट रही। विपक्ष का तर्क है कि बाजार का यह Negative Trend सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता को दर्शाता है। बिहार के संदर्भ में विपक्ष का कहना है कि भारी बहुमत देने के बावजूद राज्य की जनता को इस Fiscal Year के बजट में कुछ भी ठोस हासिल नहीं हुआ है।
Share Market Crash और अर्थव्यवस्था पर प्रहार
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कड़े शब्दों में कहा कि देश में पहली बार किसी बजट का ऐसा Impact दिखा है कि Sensex और Nifty पूरी तरह क्रैश हो गए हैं। उन्होंने इसे एक ‘लुटेरी सरकार’ का ‘डकैती भरा बजट’ करार दिया। तिवारी के अनुसार, अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो चुकी है और बाजार में हाहाकार की स्थिति यह बताती है कि यह बजट आम जनता या निवेशकों के हित में नहीं है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने Economic Indicators की अनदेखी करते हुए ऐसा ढांचा पेश किया है जिससे महंगाई और बेरोजगारी और बढ़ेगी। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक ले जाएगा, क्योंकि यह केवल बजट नहीं बल्कि देश की संपत्ति पर सरेआम चोट है।
बिहार के लिए बजट में ‘शून्य’, पलायन और उद्योग पर चुप्पी
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार के लोगों को इस बार केंद्र सरकार से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें केवल निराशा हाथ लगी है। बजट में Industrial Growth और Migration Control के लिए किसी बड़े पैकेज या योजना की चर्चा नहीं की गई है। राजद का आरोप है कि भाजपा ने बिहार से वोट तो लिए, लेकिन जब देने की बारी आई तो राज्य के साथ छलावा किया गया। शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि यह एनडीए सरकार का लगातार 9वां बजट है, लेकिन बिहार के विकास के लिए कोई Specific Allocation नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार की जनता ने एनडीए को भारी बहुमत दिया, तो बजट में राज्य की अनदेखी क्यों की गई? राजद ने मांग की है कि भारतीय जनता पार्टी को बिहार की जनता के इन सवालों का जवाब देना चाहिए।


