T20 World Cup: SA20 की ‘Dead Pitches’ बनेंगी India की ताकत? Shaun Pollock का बड़ा दावा

Patrakar Babu News Desk
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Centurion/Pretoria: क्रिकेट जगत में अक्सर कहा जाता है कि “आपदा में अवसर” ढूंढना ही असली चैंपियन की पहचान है। दक्षिण अफ्रीका में चल रही SA20 League (South Africa T20) इन दिनों अपनी पिचों की ‘धीमी प्रकृति’ (Sluggish Nature) को लेकर आलोचनाओं के घेरे में है। बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल हो रहा है और हाई-स्कोरिंग मैच देखने को नहीं मिल रहे। लेकिन, दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज ऑलराउंडर और Pretoria Capitals के सहायक कोच Shaun Pollock ने इसे एक अलग नजरिए से देखा है। उन्होंने दावा किया है कि ये खराब पिचें वास्तव में T20 World Cup 2026 की तैयारी के लिए ‘Blessing in Disguise’ साबित हो सकती हैं।

अगले महीने से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शुरू होने वाले T20 World Cup के मद्देनजर, पोलाक का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उनका तर्क है कि उपमहाद्वीप (Sub-continent) की पिचें भी स्पिन-फ्रेंडली और धीमी होती हैं, इसलिए अभी इन मुश्किल हालातों में खेलना खिलाड़ियों को भारत में खेलने के लिए तैयार कर रहा है।

Pollock का तर्क: “Fast Bowlers को भूल जाइए, अब Spin का दौर है”

Pretoria Capitals द्वारा पहले क्वालीफायर में Sunrisers Eastern Cape को 7 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश करने के बाद, पोलाक ने भारतीय पत्रकारों के एक समूह के साथ विशेष बातचीत की। उन्होंने पिचों की आलोचना को खारिज करते हुए कहा, “ईमानदारी से कहूं तो टूर्नामेंट के इस चरण में कुछ पिचें वर्ल्ड कप जाने वाले खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन ‘नेट प्रैक्टिस’ जैसी हैं। गेंद रुककर आ रही है और ग्रिप (Grip) कर रही है।”

अपने दौर को याद करते हुए पोलाक ने कहा, “मेरे समय में हम दक्षिण अफ्रीका में तेज और उछाल भरी पिचों (Bouncy Tracks) के आदी थे, जहां गेंद बल्ले पर तेजी से आती थी। लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में हमने स्पिन को गेम-चेंजर बनते देखा है। भारत और श्रीलंका में भी हालात ऐसे ही होंगे, इसलिए जो खिलाड़ी यहां संघर्ष करके रन बना रहे हैं, वे वर्ल्ड कप के लिए मानसिक रूप से तैयार हो रहे हैं।”

गौरतलब है कि SA20 के मौजूदा सीजन के दूसरे हाफ में केवल MI Cape Town ही 200 रनों का आंकड़ा पार कर सकी है, जो स्पष्ट करता है कि पिचें कितनी धीमी हो चुकी हैं।

Pretoria Capitals का ‘Choke’ दांव और कप्तानी का कमाल

मैच के विश्लेषण पर बात करते हुए पोलाक ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ की। एक समय ऐसा लग रहा था कि Sunrisers Eastern Cape आसानी से 200 का स्कोर पार कर लेगी। लुंगी एनगिडी (Lungi Ngidi) चोटिल थे और गिडियोन पीटर्स महंगे साबित हो रहे थे। लेकिन फिर मैच का पासा पलटा।

पोलाक ने कहा, “हम खुशकिस्मत थे कि टॉस हार गए। हमारी टीम भी पहले बैटिंग करना चाहती थी, जो इस पिच पर गलत फैसला होता। गेंद पुरानी होने के बाद रन बनाना बेहद मुश्किल हो गया था।”

मैच का टर्निंग पॉइंट युवा Bryce Parsons का स्पेल रहा। पार्सन्स, जिन्होंने टूर्नामेंट में ज्यादा गेंदबाजी नहीं की थी, ने 19वां ओवर डाला और मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने 3 ओवर में महज 10 रन देकर 3 विकेट चटकाए। पोलाक ने इसे ‘जिम्मेदारी लेने की कला’ बताया। साथ ही, बल्लेबाजी में Dewald Brevis (Baby AB) की फॉर्म में वापसी को टीम के लिए शुभ संकेत बताया।

Sourav Ganguly के साथ ‘Dressing Room’ की केमिस्ट्री

Pretoria Capitals के डगआउट में दो दिग्गजों— Sourav Ganguly (Director of Cricket) और Shaun Pollock—की जुगलबंदी चर्चा का विषय है। इस पर मुस्कुराते हुए पोलाक ने कहा, “दादा (गांगुली) के साथ काम करना मजेदार है। हम हंसते हैं, कभी-कभी भावुक भी होते हैं। हम दोनों अब 50 पार कर चुके हैं, इसलिए हम समझते हैं कि हमारा काम मैदान पर खेलना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को मानसिक सपोर्ट देना है।”

पोलाक ने 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले ODI World Cup को लेकर भी आश्वस्त किया कि तब तक पिचों को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय है और फैंस को घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल, सभी की निगाहें 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 World Cup पर टिकी हैं, और SA20 का यह अनुभव खिलाड़ियों के लिए ‘लिटमस टेस्ट’ साबित हो सकता है।

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