पटना (Patna) स्थित Bihar Vidhan Parishad की कार्यवाही के दौरान आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब मंत्री Ashok Choudhary और राजद (RJD) एमएलसी Sunil Singh के बीच भीषण बहस छिड़ गई। यह Heated Exchange इतना उग्र था कि सदन की मर्यादा तार-तार होती नजर आई। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख सभापति को सदस्यों को ‘मार्शल आउट’ (Marshal Out) करने का कड़ा आदेश देना पड़ा। दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई सामान्य राजनीतिक बहस देखते ही देखते व्यक्तिगत हमलों में तब्दील हो गई। सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही थी। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सत्तापक्ष के मंत्रियों द्वारा लोकतांत्रिक गरिमा का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसके कारण सदन में बार-बार High-Voltage Drama की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
सदन के भीतर तीखी तकरार और सुरक्षाकर्मियों का हस्तक्षेप
विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान जब किसी विधायी कार्य पर चर्चा चल रही थी, तभी मंत्री अशोक चौधरी और सुनील सिंह आमने-सामने आ गए। गवाहों के अनुसार, दोनों के बीच शब्दों के बाण इतने तीखे थे कि सदन की कार्यवाही को बाधित करना पड़ा। सभापति के बार-बार निर्देश देने के बावजूद जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तब सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया। इस Marshal Out की कार्रवाई ने सदन के भीतर व्याप्त तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार अपनी विफलताओं पर जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं की आवाज को सुरक्षाकर्मियों के जरिए दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, सत्तापक्ष का तर्क है कि विपक्षी सदस्य सदन की मर्यादा का सम्मान नहीं कर रहे हैं, जिससे इस तरह के कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं।
Abdul Bari Siddiqui का प्रहार: ‘अमर्यादित भाषा’ पर जताई नाराजगी
इस पूरे घटनाक्रम पर राजद के वरिष्ठ नेता और MLC Abdul Bari Siddiqui ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया को दिए अपने Official Statement में कहा कि सदन के भीतर किसी भी विषय पर असहमति हो सकती है और आसन (Chair) को यह अधिकार है कि वह सदस्यों को टोके। लेकिन एक जिम्मेदार मंत्री द्वारा अमर्यादित भाषा (Indecent Language) का प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। सिद्धिकी ने आगे कहा कि इस तरह का व्यवहार संसदीय परंपराओं के खिलाफ है और यह कहीं से भी उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि सदन की कार्यवाही के दौरान इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों को Record से हटाया जाए और संबंधित पक्षों पर कार्रवाई हो। इस टकराव के बाद अब बिहार की राजनीति में वार-पलटवार का दौर और तेज होने की संभावना है।


