पटना (बिहार): जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिग्गज नेता ललन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ‘Land for Job Case’ और ‘UGC Row’ पर मीडिया के सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को पटना में पत्रकारों ने जब उनसे इन संवेदनशील मुद्दों पर प्रतिक्रिया मांगी, तो ललन सिंह बिना कुछ बोले अपनी ‘Luxury Car’ में बैठकर निकल गए। उनके इस व्यवहार ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। ललन सिंह की इस ‘Mysterious Silence’ को लेकर पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं। ‘Land for Job’ मामले में लगातार हो रही पूछताछ और यूजीसी के नए नियमों को लेकर चल रहे विवाद पर जनता उनके ‘Official Statement’ का इंतजार कर रही थी। हालांकि, ललन सिंह का सवालों से कन्नी काटना यह संकेत दे रहा है कि पार्टी फिलहाल इन ‘Controversial Issues’ पर बैकफुट पर है और सीधे जवाब देने से बच रही है।
Land for Job Case और मीडिया की घेराबंदी
पत्रकारों ने जैसे ही ‘Land for Job Scam’ से जुड़ी ताजा ‘Investigation Updates’ पर सवाल किया, ललन सिंह के हाव-भाव बदल गए। उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और सीधे सुरक्षा घेरे के बीच अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि वे अपने ऊपर और पार्टी के करीबियों पर लगे ‘Allegations’ पर सफाई देने की स्थिति में नहीं थे। सोशल मीडिया पर अब उनकी इस ‘Silence’ को एक ‘Avoidance Strategy’ के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष भी अब इस मौके को भुनाने में जुट गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जांच एजेंसियों के बढ़ते दबाव के कारण जेडीयू के बड़े नेता मीडिया के ‘Difficult Questions’ का सामना करने से कतरा रहे हैं। ललन सिंह जैसे कद्दावर नेता, जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं, उनका यह ‘Unexpected Behavior’ कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे रहा है।
UGC Row और Social Media पर आलोचना का दौर
यूजीसी मामले (UGC Row) पर उनकी चुप्पी ने छात्रों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के बीच भी नाराजगी बढ़ा दी है। ट्विटर और फेसबुक पर यूजर्स लिख रहे हैं कि ‘Public Figures’ को भ्रष्टाचार और शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी ‘Accountability’ सुनिश्चित करनी चाहिए। आलोचकों का कहना है कि जब जनता के हितों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, तब नेताओं की ऐसी चुप्पी लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है। फिलहाल, ललन सिंह या उनकी टीम की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण (Clarification) नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से वे ‘Land for Job’ और ‘UGC Case’ पर पत्रकारों को नजरअंदाज कर अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हुए, उसने ‘Opposition Parties’ को एक नया राजनीतिक हथियार दे दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में ललन सिंह इन आरोपों पर अपनी ‘Silence’ तोड़ते हैं या यह विवाद और गहराता है।


