जामताड़ा जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक गौरव का विषय बन गया है, जब मिहिजाम की तीन होनहार बेटियों ने देश की सुरक्षा के लिए BSF और CISF जैसे केंद्रीय सुरक्षा बलों में अपना स्थान पक्का किया। जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) राजकुमार मेहता ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में इन चयनित अभ्यर्थियों और उनके गौरवान्वित अभिभावकों को सम्मानित किया। यह सफलता न केवल इन परिवारों के लिए, बल्कि पूरे जिले के Women Empowerment के लिए एक बड़ी मिसाल बनकर उभरी है। सम्मानित होने वाली बेटियों में केलाही की शबनम परवीन (Selection इन BSF, पंजाब), कुर्मीपाड़ा की संजना कुमारी यादव (BSF, ग्वालियर) और बागजोरी की सुष्मिता हेंब्रम (CISF) शामिल हैं। इन बेटियों की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि जामताड़ा की प्रतिभा अब राष्ट्रीय स्तर पर National Security में अपना योगदान देने के लिए तैयार है। SP ने उन्हें मिठाई खिलाकर और बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
National Security में जामताड़ा की धमक: BSF और CISF में चयन
केलाही की शबनम परवीन का चयन Border Security Force (BSF) में हुआ है और उन्हें पंजाब फ्रंटियर आवंटित किया गया है। वहीं संजना कुमारी यादव ने भी BSF में अपनी जगह बनाई है और उनका प्रशिक्षण ग्वालियर, मध्य प्रदेश में होगा। सुष्मिता हेंब्रम ने अपनी मेहनत के दम पर Central Industrial Security Force (CISF) में सफलता हासिल की है। इन तीनों ही बेटियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने Hard Work और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। समारोह के दौरान SP राजकुमार मेहता ने कहा कि इन बेटियों का चयन जामताड़ा के लिए अत्यंत गर्व की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। विशेष रूप से Uniform Services में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने इन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
Women Empowerment: जिले की अन्य बालिकाओं के लिए बनीं प्रेरणा
SP ने अभिभावकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे परिवार का Guidance और संस्कार सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शबनम, संजना और सुष्मिता की यह कामयाबी जामताड़ा की अन्य छात्राओं के लिए भी Inspiration का काम करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर देश की सीमाओं की रक्षा करने का यह सफर वाकई काबिले तारीफ है। समारोह में उपस्थित स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने भी बेटियों को शुभकामनाएं दीं। यह कार्यक्रम न केवल एक सम्मान समारोह था, बल्कि जामताड़ा के बदलते स्वरूप की एक झलक भी थी। प्रशासन की इस पहल से जिले के युवाओं में Career in Defence और अर्धसैनिक बलों के प्रति उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।


