मुजफ्फरपुर: बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने National Immunization Drive को लेकर एक बड़ी मुहिम शुरू की है। मुजफ्फरपुर स्थित Sadar Hospital में रविवार को ANM और टीकाकरण कर्मियों (Vaccination Staff) के लिए दो दिवसीय विशेष ट्रेनिंग का आगाज हुआ। सबसे अहम बात यह है कि इस बार रूटीन टीकाकरण के साथ-साथ Cervical Cancer Vaccine को लेकर भी कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल ट्रेनिंग प्रोग्राम में मीनापुर, बांद्रा, मरवन (मरोल) और साहेबगंज ब्लॉक के सभी हेल्थ वर्कर्स शामिल हुए। इसका उद्घाटन सदर अस्पताल के Superintendent डॉ. बी.एस. झा, WHO के Surveillance Officer डॉ. गौतम आनंद और District Immunization Officer डॉ. एस.के. पांडे ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। विभाग का लक्ष्य है कि ‘Swasth Bharat Mission’ के तहत हर घर तक इन 12 तरह के टीकों की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
Cervical Cancer Vaccine पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अपडेट
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (District Immunization Officer) डॉ. संजीव कुमार पांडे ने ट्रेनिंग के दौरान बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण मिशन का दायरा बढ़ाया गया है। अब तक दिए जाने वाले 12 तरह के टीकों के अलावा, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए आई नई वैक्सीन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
WHO के सर्विलांस ऑफिसर डॉ. गौतम आनंद ने इस दौरान Vaccination के तकनीकी पहलुओं और डेटा मैनेजमेंट पर जोर दिया। एक्सपर्ट्स ने बताया कि फील्ड में काम करने वाली ANMs को अब न केवल टीका लगाना है, बल्कि लाभार्थियों (Beneficiaries) को सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों और वैक्सीन की Eligibility के बारे में भी जागरूक करना होगा। जिला ट्यूबरक्लोसिस ऑफिसर डॉ. सी.के. दास ने भी इस दौरान टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
Healthy India Mission: ANMs की क्या होगी जिम्मेदारी?
ट्रेनिंग सेशन को संबोधित करते हुए सदर अस्पताल के Superintendent डॉ. बी.एस. झा ने कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल (Ground Level) पर उतारना होगा। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय टीकाकरण एक मिशन है। आपकी जिम्मेदारी सिर्फ टीका लगाना नहीं है, बल्कि अभिभावकों (Parents) को इसके Benefits समझाना भी है ताकि कोई भी बच्चा छूटे नहीं।”
विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिनों में इस ट्रेनिंग का असर ब्लॉक स्तर पर दिखना चाहिए। सभी कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ‘Door-to-Door’ कैंपेन और जागरूकता अभियान में तेजी लाएं।


