मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में एक उच्चस्तरीय Review Meeting आयोजित की। इस बैठक में Dhan Adhiprapti, राजस्व सुधार, और जिले में चल रहे Industrial Development प्रोजेक्ट्स की प्रखंडवार प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान डेटा साझा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 7,812 किसानों से 51,480.81 मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है। जिलाधिकारी ने सकरा, मुसहरी, सरैया और मीनापुर जैसे पिछड़ रहे प्रखंडों के Block Cooperative Extension Officers (BCO) को फटकार लगाई। उन्होंने इन क्षेत्रों में Paddy Procurement की गति बढ़ाने और किसानों को समय पर भुगतान (Payment) सुनिश्चित करने का Strict Order दिया है।
Farmers Registration और Revenue Case की समीक्षा
जिले में अब तक 1,54,697 किसानों का Online Registration किया जा चुका है, लेकिन बंदरा, मुरौल और कटरा जैसे प्रखंडों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। जिलाधिकारी ने इन प्रखंडों को अगले एक सप्ताह के भीतर कम से कम 50% प्रगति हासिल करने की Deadline दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निबंधन की प्रक्रिया में तेजी नहीं आई, तो संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए Digitized Jamabandi और Mutation के लंबित आवेदनों पर चर्चा की गई। मुसहरी और कांटी जैसे अंचलों में Expired Cases की संख्या अधिक होने पर नाराजगी व्यक्त की गई। वहीं, Landless Families को पर्चा वितरण के मामले में बोचहा अंचल के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए एक रोल मॉडल बताया गया।
Industrial Development और Infrastructure प्रोजेक्ट्स को मिलेगी गति
मुजफ्फरपुर को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में पारू अंचल के पांच मौजों में 700 एकड़ Land Acquisition की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए Social Impact Assessment (SIA) का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पारू और मोतीपुर क्षेत्रों में औद्योगिक गलियारे के निर्माण से स्थानीय स्तर पर Employment Generation के नए अवसर पैदा होंगे, इसलिए इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, Project Monitoring Group (PMG) की बैठक में बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे आरसीसी पुल और गोबरसही ROB (Road Over Bridge) की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मानिकपुर-अदलबड़ी खंड में कैंप मोड में Compensation Payment करने और बागमती परियोजना के फेज-2 के लिए फंड की बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तकनीकी विभाग आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करें ताकि Development Projects समय पर पूरे हो सकें।


