मुजफ्फरपुर (बिहार): मुजफ्फरपुर शहर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए जिला प्रशासन ‘Mission Mode’ में आ गया है। जिला पदाधिकारी (DM) श्री सुब्रत कुमार सेन ने 29 जनवरी 2026 को बेला स्थित बियाडा परिसर में ‘Urban Development Projects’ की सघन समीक्षा की। बैठक का मुख्य एजेंडा ‘Mukhyamantri Samagra Shahari Vikas Yojana’ और ‘Har Ghar Nal-Jal’ मिशन को समय सीमा के भीतर पूरा करना रहा। डीएम ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों की ‘Quality’ और ‘Transparency’ में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 258 शहरी योजनाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से 59 योजनाओं का ‘Tender Process’ सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। डीएम ने ‘BUDCO’ और नगर निकायों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि नाला, सड़क और जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को ‘Top Priority’ पर रखा जाए। समीक्षा बैठक के ठीक बाद डीएम ने स्वयं कन्हौली, बीएनपी-6 और मालीघाट क्षेत्रों में निर्माणाधीन नाला कार्यों का ‘Site Inspection’ कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
‘Har Ghar Nal-Jal’ और ‘Street Light’ प्रोजेक्ट्स पर विशेष फोकस
गर्मियों के मौसम में संभावित जल संकट से निपटने के लिए ‘Drinking Water Supply’ योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। डीएम ने नगर निकायों के ‘Executive Officers’ को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में लंबित ‘House Connections’ की लिस्ट तैयार कर उसे तुरंत पूरा करें। ‘Official Order’ के मुताबिक, शहर की सुरक्षा और सुविधा के लिए ‘Street Lights’ का शत-प्रतिशत क्रियाशील होना अनिवार्य है। खराब लाइट्स की मरम्मत के लिए ‘Monitoring Team’ को 24×7 सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। जलजमाव की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम के ‘Technical Sanction’ और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। समीक्षा में पाया गया कि 177 योजनाओं का ‘Estimate’ तैयार कर तकनीकी अनुमोदन मिल चुका है। डीएम ने कहा कि शहरी जीवन को सुगम बनाने के लिए ‘Infrastructure Development’ का पारदर्शी होना आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
‘Encroachment’ और भूमि विवाद पर प्रशासनिक प्रहार
शहरी विकास के कार्यों में आ रहे गतिरोध को दूर करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO East) और अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि योजनाओं के रास्ते में आने वाले ‘Encroachment’ (अतिक्रमण) और भूमि विवादों को तत्काल सुलझाएं। उन्होंने ‘BUDCO’ के परियोजना निदेशक को स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में देरी होने पर संबंधित ‘Contractor’ और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त को नियमित अंतराल पर ‘Review Meetings’ आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया है ताकि योजनाओं की ‘Continuous Monitoring’ हो सके। इस बैठक में उप नगर आयुक्त, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचलाधिकारी मुसहरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का यह ‘Proactive’ दृष्टिकोण दर्शाता है कि मुजफ्फरपुर को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी है।


