बिहार की सियासत में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के Rajya Sabha Nomination की खबरों के बीच जेडीयू (JDU) के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी मीडिया के सामने फूट-फूट कर रोने लगे। पटना स्थित विधान मंडल परिसर में पहुंचे हजारी इतने भावुक हो गए कि कैमरे के सामने उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित फैसले और पार्टी के भीतर चल रही Political Strategy को लेकर जेडीयू के अंदरूनी खेमे में भारी हलचल देखी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपना Nomination दाखिल करने पहुंच सकते हैं। उनके साथ रामनाथ ठाकुर, नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े चेहरों को भी उच्च सदन भेजे जाने की चर्चा तेज है। इस Selection Process ने पार्टी के भीतर दो गुट बना दिए हैं, जिसका असर आज पटना की सड़कों पर साफ दिखाई दिया।
JDU Office के बाहर हंगामा और तोड़फोड़
नीतीश कुमार के इस फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। JDU Headquarters के बाहर समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई हैं। कार्यकर्ताओं का एक धड़ा इस फैसले से नाराज है, जबकि मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी भारी संख्या में समर्थक विरोध दर्ज कराने पहुंचे हैं। Internal Conflict की यह स्थिति 2026 के आगामी चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
चारों सदनों का अनुभव लेना चाहते हैं नीतीश: भगवान सिंह कुशवाहा
दूसरी ओर, जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री के इस कदम का बचाव किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार का लंबे समय से यह व्यक्तिगत लक्ष्य था कि वे देश के चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) का अनुभव प्राप्त करें। हालांकि, इस Official Decision ने पार्टी के समर्पित नेताओं को भावुक कर दिया है। महेश्वर हजारी जैसे करीबियों का रोना यह दर्शाता है कि नीतीश कुमार का सक्रिय राज्य राजनीति से हटकर दिल्ली की ओर रुख करना कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा Emotional Setback है।


