पटना, 25 जनवरी 2026: मनेर (बिहार) से राजद के कद्दावर विधायक और पूर्व मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस Viral Video में भाई वीरेंद्र ने की प्रक्रिया पर तीखे सवाल खड़े किए हैं, विशेषकर पूर्व विधायक विजय मंडल का टिकट काटे जाने को लेकर उन्होंने नेतृत्व के प्रति नाराजगी जताई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर Selection Process को लेकर पहले ही असंतोष के स्वर उठ रहे हैं। जब मीडिया ने इस वायरल क्लिप को लेकर भाई वीरेंद्र से जवाब मांगा, तो उन्होंने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा, “मैं सच बोलूँगा और सच बोलना जारी रखूँगा।” उन्होंने सीधे तौर पर उन लोगों को निशाने पर लिया है जो पार्टी के भीतर रहकर संगठन का ‘दोहन और शोषण’ कर रहे हैं। भाई वीरेंद्र का यह बयान राजद के Internal Management और रणनीतिकारों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
“मंत्री-सांसद बनने की भूख नहीं”: बगावत के कयासों पर कड़ा जवाब
बगावत और पार्टी छोड़ने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए भाई वीरेंद्र ने अपनी पुरानी निष्ठा की याद दिलाई। उन्होंने दावा किया कि 2013 के दौर में जब राजद टूटने के कगार पर थी, तब उन्होंने ही मोर्चा संभालकर पार्टी को बिखरने से बचाया था। विधायक ने भावुक होते हुए कहा कि अगर उन्हें सत्ता का मोह होता या Minister और MP बनना होता, तो वे बहुत पहले ही अपना रास्ता चुन चुके होते। उनका इशारा साफ था कि वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि नेतृत्व उन चेहरों की पहचान करे जो पार्टी को दीमक की तरह चाट रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने Party Workers की मेहनत का दुरुपयोग किया है, उन्हें बाहर निकालना संगठन की मजबूती के लिए अनिवार्य है।
Selection Process पर उठे सवाल: क्या बैकफुट पर है RJD नेतृत्व?
सोशल मीडिया पर इस Viral News के आने के बाद अब राजद के वरिष्ठ नेताओं के बीच मंथन शुरू हो गया है। भाई वीरेंद्र के इस स्टैंड को पार्टी के भीतर एक बड़े वर्ग का समर्थन मिल सकता है, जो टिकट बंटवारे में गड़बड़ी की बात मान रहे हैं। पार्टी के Official Notification का इंतजार किया जा रहा है कि क्या नेतृत्व इस मामले में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा या भाई वीरेंद्र के सुझावों पर विचार करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस असंतोष को समय रहते नहीं दबाया गया, तो आगामी सत्रों में पार्टी को एकजुट रखना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल, भाई वीरेंद्र का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि राजद के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और आने वाले दिनों में Bihar Politics में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


