पटना, 24 जनवरी 2026: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद पहली बार किसी Public Program में नजर आए नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने सत्ता पक्ष और प्रशासनिक मशीनरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती के अवसर पर तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि 2025 के चुनाव में बिहार की जनता नहीं हारी है, बल्कि सरकारी ‘तंत्र’ की जीत हुई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया। तेजस्वी यादव ने अपने Official Statement में कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों, पक्षपाती मीडिया और बेईमान अधिकारियों के बावजूद RJD को 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि 60% मतदाता बिहार में बदलाव चाहते थे, लेकिन System उनके खिलाफ खड़ा था। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव के संघर्षों का हवाला देते हुए कसम खाई कि वे सत्ता के सामने घुटने नहीं टेकेंगे और जनता की आवाज बुलंद करते रहेंगे।
Election Rigging और प्रशासनिक पक्षपात पर तीखा हमला
चुनावी हार के बाद अपने पहले विस्तृत विश्लेषण में Tejashwi Yadav ने Ground Reality पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान Selection Process और काउंटिंग में धांधली की गई। तेजस्वी के अनुसार, केंद्र सरकार ने बिहार को अपना ‘अड्डा’ बना लिया था और प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक ने राज्य की बुनियादी समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग पर बात करने के बजाय केवल विपक्ष को हराने के लिए अपने पद का Misuse किया। महिला सुरक्षा और बढ़ते अपराध पर सरकार को घेरते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में मासूम बच्चियों के साथ हो रहे जघन्य अपराधों पर सत्ता में बैठे लोग खामोश हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं के बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनके रहने या न रहने से अपराध बढ़ता-घटता है, तो सरकार को अपनी विफलता स्वीकार करनी चाहिए। तेजस्वी ने साफ किया कि वे 100 दिनों तक सरकार के काम का इंतजार करेंगे और फिर सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे।
RJD Future Roadmap: District Tour और Booth Level पर नई तैयारी
आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए तेजस्वी यादव ने बताया कि 2 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले Budget Session के बाद RJD पूरे राज्य में एक सघन अभियान चलाएगी। पार्टी अब हर जिले का दौरा (District Tour) करेगी और Booth Level पर अपने संगठन को पुनर्गठित करेगी। इस नई रणनीति का उद्देश्य पार्टी की नींव को इतना मजबूत करना है कि भविष्य में किसी भी ‘तंत्र’ की चालबाजी का मुकाबला किया जा सके। परिवारवाद के आरोपों पर पलटवार करते हुए तेजस्वी ने भाजपा के आंतरिक ढांचे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा में नेताओं के बेटों को महत्वपूर्ण पद मिलना परिवारवाद नहीं है? तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि समय भले ही कमजोर हो, लेकिन RJD कमजोर नहीं है। उन्होंने युवाओं को रोजगार और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के अपने चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) के वादों को याद दिलाते हुए वर्तमान सरकार को उन्हें लागू करने की चुनौती दी।


