भाकपा माले (CPI-ML) के विधायक संदीप सौरभ ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए Union Budget 2026 को पूरी तरह ‘फेल’ करार दिया है। विधायक ने कहा कि बजट में आम जनता की उम्मीदों और बिहार की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। बिहार विधानसभा का Budget Session शुरू होने से पहले उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी सदन के भीतर बेटियों की सुरक्षा, NEET Exam विवाद और विश्वविद्यालयों में हो रहे भेदभाव जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी। संदीप सौरभ ने राज्य और केंद्र सरकार की खामोशी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। विभिन्न जिलों में सुरक्षा की मांग को लेकर Public Protests हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी Assembly Session में विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा और जनता के हितों के लिए ‘सड़क से सदन’ तक संघर्ष जारी रखेगा।
Women’s Safety और NEET विवाद पर मचेगा हंगामा
विधायक ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। NEET Student Case हो या अन्य जिलों में बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराध, सरकार के पास कोई ठोस Action Plan नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सुरक्षा के दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर बेटियां अपनी सुरक्षा के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने साफ किया कि Budget Session के दौरान इन सामाजिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस होगी। संदीप सौरभ ने कहा कि केवल बजट पेश कर देना समाधान नहीं है, जब तक कि वह समाज के सबसे निचले तबके और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित न करे। उन्होंने NEET मामले में छात्रों के साथ हुए अन्याय को लेकर भी सरकार की संवेदनहीनता पर कड़ा प्रहार किया और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
University Discrimination और UGC नियमों में सुधार की मांग
उच्च शिक्षा में व्याप्त विसंगतियों पर चर्चा करते हुए संदीप सौरभ ने UGC के नियमों और विश्वविद्यालय प्रणाली में हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में OBC Students के साथ चयन प्रक्रिया में अन्याय हो रहा है। विधायक के अनुसार, पिछड़े वर्ग के छात्र Written Exam में शानदार अंक प्राप्त करते हैं, लेकिन Interview Process के दौरान उनके साथ पक्षपात किया जाता है, जिससे उनकी मेधा का अपमान होता है। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता लाने के लिए UGC नियमों में व्यापक बदलाव की वकालत की। संदीप सौरभ ने मांग की है कि चयन प्रक्रिया को इतना पारदर्शी बनाया जाए कि किसी भी छात्र के साथ जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव न हो सके। CPI-ML विधायक ने स्पष्ट किया कि वे इस भेदभाव के खिलाफ और Educational Reforms के लिए सदन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।


