दावोस (Davos): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रफ़्तार ने टेक जगत की नींद उड़ा दी है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में Anthropic के सीईओ डारियो अमोदेई (Dario Amodei) ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि अगले 6 से 12 महीनों के भीतर AI इतना सक्षम हो जाएगा कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के अधिकांश कोडिंग कार्यों (Coding Tasks) को अपने दम पर कर सकेगा।
यह बयान सिर्फ एक अनुमान नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अमोदेई का कहना है कि जिस तरह से हम कोड लिखते हैं, वह तरीका पूरी तरह बदलने वाला है।
6 से 12 महीने का अल्टीमेटम
डारियो अमोदेई के अनुसार, AI का विकास वक्र (Growth Curve) इतना तेज है कि जिसे हम ‘ट्रेडिशनल कोडिंग’ कहते हैं—यानी लाइन-दर-लाइन कोड लिखना—वह जल्द ही इतिहास बन सकता है।
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बदलाव: अब इंजीनियर कोड लिखने के बजाय AI द्वारा जनरेट किए गए कोड की समीक्षा (Review) और सुधार करेंगे।
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समय: यह बदलाव अगले 10 सालों में नहीं, बल्कि इसी साल (6-12 महीने में) देखने को मिल सकता है।
Entry-Level Jobs पर सबसे बड़ा खतरा
इस क्रांति का सबसे बुरा असर Junior Coders और फ्रेशर्स पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है:
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नौसिखिए खतरे में: जो काम पहले एंट्री-लेवल इंजीनियर करते थे (जैसे बेसिक स्क्रिप्ट लिखना, बग फिक्स करना), वह अब Claude और अन्य LLMs चुटकियों में कर रहे हैं।
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नौकरी का स्वरूप: कोडिंग अब ‘लिखने’ से ज्यादा ‘सुपरविजन’ का काम बन जाएगा। कंपनियों को अब कोडर्स की नहीं, बल्कि ‘AI मैनेजर्स’ की जरूरत होगी।
90% कोड लिख रहा है AI?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज के एडवांस AI मॉडल्स पहले ही सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का एक बड़ा हिस्सा संभाल रहे हैं। कुछ मामलों में यह दावा किया गया है कि 90% कोड अब AI की मदद से लिखा जा रहा है। हालांकि, इंसानी दिमाग की जरूरत पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन “प्लानिंग, टेस्टिंग और डिलीवरी” को छोड़कर बाकी सब ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रहा है।
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का पूरा प्रोसेस—प्लानिंग से लेकर लॉन्च तक—अब AI के भरोसे होने जा रहा है। यह उन पेशेवरों के लिए खतरे की घंटी है जो खुद को समय के साथ अपग्रेड (Upskill) नहीं कर रहे हैं।


