Davos 2026: बंद कमरे में ‘काला चश्मा’ पहनकर मैक्रों ने दिया भाषण, ट्रंप ने ली चुस्की! जानें क्या है ‘Top Gun’ लुक का राज

Patrakar Babu News Desk
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दावोस (स्विट्जरलैंड): स्विट्जरलैंड की बर्फीली वादियों में चल रहे World Economic Forum (WEF) में इस बार चर्चा अर्थव्यवस्था से ज्यादा ‘चश्मे’ की हो रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने एक बंद कमरे (Indoors) में भाषण देते समय नीले रंग का ‘एविएटर सनग्लासेस’ पहनकर सबको चौंका दिया।

यह नजारा कूटनीतिक जगत में बेहद असामान्य था। जहां सोशल मीडिया ने इसे ‘Top Gun’ फिल्म का स्टाइल बताया, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस मौके का फायदा उठाते हुए मैक्रों पर तंज कसने में देर नहीं लगाई।

Trump का तंज: “खूबसूरत चश्मा, आखिर हुआ क्या है?”

डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और व्यंग्यात्मक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। जब उन्होंने मैक्रों को सनग्लासेस में देखा, तो वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए। अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा:

“मैंने कल उन्हें (मैक्रों को) उन खूबसूरत सनग्लासेस के साथ देखा। आखिर हुआ क्या है?”

ट्रंप का यह बयान आते ही हॉल में मौजूद लोग हंस पड़े। हालांकि, यह हंसी-मजाक सिर्फ चश्मे तक सीमित नहीं था। ट्रंप और मैक्रों के बीच ‘टैरिफ वार’ और ‘ग्रीनलैंड’ को लेकर तनाव साफ दिखाई दे रहा है।

असली वजह: फैशन नहीं, मेडिकल मजबूरी

अगर आपको लग रहा है कि मैक्रों कोई फैशन स्टेटमेंट सेट कर रहे थे, तो आप गलत हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय (एलिसी पैलेस) ने इस ‘कूल लुक’ के पीछे की दर्दनाक वजह बताई है।

  • बीमारी: मैक्रों को Subconjunctival Hemorrhage (सबकंजंक्टिवल हेमरेज) की समस्या हुई है।

  • क्या होता है इसमें: इसमें आंख की एक छोटी रक्त वाहिका (Blood Vessel) फट जाती है, जिससे आंख का सफेद हिस्सा पूरी तरह लाल और सूजा हुआ दिखता है।

  • डॉक्टर की सलाह: हालांकि यह खतरनाक नहीं है, लेकिन तेज रोशनी से बचने और ‘डरावनी दिख रही आंख’ को छिपाने के लिए डॉक्टरों ने उन्हें चश्मा पहनने की सलाह दी थी।

मैक्रों ने खुद मजाक में इसे “Eye of the Tiger” कहा, लेकिन साथ ही माफी मांगी कि उन्हें अपनी स्थिति छिपाने के लिए चश्मा पहनना पड़ रहा है।

चश्मे के पीछे का कड़ा संदेश

भले ही चर्चा चश्मे की हो, लेकिन मैक्रों का भाषण अमेरिका के लिए एक चेतावनी था।

  1. यूरोपीय संप्रभुता: मैक्रों ने साफ कहा कि यूरोप को अमेरिका का ‘पिछलग्गू’ नहीं बनना चाहिए।

  2. ग्रीनलैंड विवाद: ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड (डेनमार्क का हिस्सा) को खरीदने या उस पर कब्जा करने की मंशा का मैक्रों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि यूरोप किसी भी ‘धौंस’ के आगे नहीं झुकेगा।

  3. टैरिफ वार: मैक्रों ने अमेरिकी संरक्षणवाद और संभावित टैरिफ (Import Tax) की आलोचना की।

चश्मे की कीमत: ₹70,000 का ‘गिफ्ट’

सोशल मीडिया पर मैक्रों के चश्मे के ब्रांड की भी खूब चर्चा है।

  • ब्रांड: Henry Jullien (हेनरी जुलिएन)

  • मॉडल: Pacific S 01

  • कीमत: लगभग 659 यूरो (करीब ₹70,000)। कंपनी के मुताबिक, यह चश्मा उन्हें 2024 में गिफ्ट किया गया था।

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