बिहार की राजधानी Patna में आज Bharat Ratna जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं Jayanti पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई गई। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और ‘Floral Tribute’ अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस ‘State Function’ के दौरान सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। बिहार सरकार के Agriculture Minister रामकृपाल यादव ने इस अवसर पर अपनी ‘Official Presence’ दर्ज कराते हुए जननायक के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर दलितों और पिछड़ों की वह बुलंद आवाज थे, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। कार्यक्रम के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था और ‘Event Management’ के बीच जननायक के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया।
“दूसरा कर्पूरी पैदा नहीं हो सकता” – रामकृपाल यादव का बड़ा बयान
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने एक ‘Major Statement’ दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में जननायक जैसा व्यक्तित्व दोबारा कभी पैदा नहीं हो सकता। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और ‘Political Struggle’ को याद करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय का असली मसीहा बताया। मंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के दौर में उनके सिद्धांतों को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जननायक ने जिस बिहार का सपना देखा था, उसे धरातल पर उतारने के लिए ‘Strict Discipline’ और ईमानदारी की जरूरत है।
Lalu Prasad Yadav पर तीखा प्रहार: सिद्धांतों को कलंकित करने का आरोप
राजद (RJD) द्वारा कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाए जाने पर रामकृपाल यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर Lalu Prasad Yadav को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह एक ‘Political Irony’ है। उन्होंने दावा किया कि कर्पूरी ठाकुर ने ही लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने में मदद की थी, लेकिन बाद में लालू प्रसाद ने उनके सिद्धांतों को पूरी तरह भुला दिया और उनके नाम को कलंकित किया। रामकृपाल यादव ने कहा कि सिद्धांतों की राजनीति करने वाले जननायक के नाम पर ‘Family Politics’ को बढ़ावा देना उनकी विरासत का अपमान है। पटना के इस ‘High-Profile Event’ ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में समाजवादी विरासत पर दावों की जंग को तेज कर दिया है।


