आज 27 जनवरी 2026 को Bank Strike के चलते मुजफ्फरपुर जिले के 240 से अधिक बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। United Forum of Bank Unions (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी हड़ताल के कारण अकेले मुजफ्फरपुर जिले में करीब 150 से 200 करोड़ रुपये का Business प्रभावित हुआ है। बैंक कर्मचारी और अधिकारी केंद्र सरकार के उस रवैये का विरोध कर रहे हैं, जिसमें लंबे समय से लंबित 5 Day Banking की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। बैंक कर्मी पिछले 13 वर्षों से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने 2015 में दूसरे और चौथे शनिवार को Official Holiday घोषित किया था, लेकिन शेष शनिवारों को बंद करने का निर्णय अब तक ठंडे बस्ते में है। हाल ही में 22 और 23 जनवरी को मुख्य श्रमायुक्त की मध्यस्थता में हुई Conciliation Meeting विफल रहने के बाद करीब 8 लाख बैंक कर्मियों ने आज सामूहिक हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला लिया।
₹200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित; PNB, SBI और BOI में लटके ताले
मुजफ्फरपुर शहर में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। मिठनपुरा स्थित Bank of India (BOI) आंचलिक कार्यालय, Punjab National Bank (PNB) के अघोरिया बाजार स्थित मंडल कार्यालय और State Bank of India (SBI) के जुब्बा सहनी रोड स्थित कार्यालयों समेत सभी Nationalized Banks के शत-प्रतिशत ब्रांच पूरी तरह बंद रहे। बैंकिंग सेवाएं बंद होने से व्यापारिक वर्ग और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण Cheque Clearance और अन्य Financial Transactions रुकने से बाजार में नकदी का प्रवाह भी प्रभावित हुआ है। भगवानपुर स्थित सेंट्रल बैंक और हाथी चौक स्थित इंडियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस Official Notification जारी नहीं होता, वे अपना आक्रोश व्यक्त करते रहेंगे।
UFBU की चेतावनी: मांग पूरी नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन
UFBU के जिला संयोजक मनोरंजनम और उप संयोजक पंकज ठाकुर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बैंक कर्मियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उनका तर्क है कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में 5 Day Banking की व्यवस्था लागू करना न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि यह Operational Efficiency को भी बढ़ाएगा। बीपीबीईए (BPBEA) के जिला चेयरमैन एस. एन. सिंह ने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल केवल एक शुरुआत है। विरोध प्रदर्शन के दौरान असीम दास, विशाल सिन्हा और अभिनीत कुमार जैसे नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही Full 5-Day Work Week पर सहमति नहीं बनी, तो बैंकिंग सेक्टर में आने वाले दिनों में और भी बड़े आंदोलन और Indefinite Strike देखी जा सकती है। फिलहाल, सभी कंट्रोलिंग ऑफिस और शाखाओं पर ताले लटके हुए हैं और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे हैं।


