Bihar के Sheikhpura District में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां रेल पुलिस (GRP) द्वारा मृत घोषित किए गए एक 72 वर्षीय बुजुर्ग Postmortem House में अचानक जीवित हो उठे। शेखपुरा सदर अस्पताल (Sadar Hospital) में मंगलवार को हुई इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। मृतक मान लिए गए बुजुर्ग की पहचान कसार थाना क्षेत्र के कसार गांव निवासी सातो सिंह के रूप में हुई है। शेखपुरा Railway Station पर बेसुध पाए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें मृत मानकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन Postmortem की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले उनकी सांसें चलने लगीं और शरीर में हलचल देखकर वहां मौजूद कर्मचारी दंग रह गए।
GRP की बड़ी लापरवाही या कुदरत का करिश्मा?
मिली जानकारी के मुताबिक, सातो सिंह रेलवे स्टेशन के पास अचेत अवस्था में पड़े थे। GRP ने शुरुआती जांच के बाद उन्हें Dead मान लिया और बिना किसी पुख्ता Medical Examination के कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को सदर अस्पताल भेज दिया। जैसे ही ‘शव’ को Postmortem House के अंदर ले जाया गया, बुजुर्ग के शरीर में हरकत होने लगी। इस वाकये के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और पुलिस अधिकारी इस बात से हतप्रद हैं कि आखिर किस स्तर पर चूक हुई। मौके पर मौजूद आम नागरिक इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं, क्योंकि बुजुर्ग को रेलवे ट्रैक के पास से काफी गंभीर हालत में रिकवर किया गया था।
Sadar Hospital में Treatment शुरू, डॉक्टरों की टीम तैनात
घटना के तुरंत बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्ग को Emergency Ward में भर्ती कराया। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका Treatment कर रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बुजुर्ग की स्थिति अभी नाजुक है, लेकिन वे जीवित हैं और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। इस घटना ने पुलिस की Standard Operating Procedure (SOP) पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते Health Checkup किया जाता, तो बुजुर्ग को पहले ही इलाज मिल सकता था। फिलहाल, सातो सिंह के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।


