पटना: बिहार सरकार के मंत्री Lakhendra Paswan और पूर्व मंत्री Tej Pratap Yadav के बीच Government Bungalow को लेकर सियासी लड़ाई तेज हो गई है। मंत्री पासवान ने आरोप लगाया है कि उन्हें जो आवास अलॉट किया गया, वह पूरी तरह Dilapidated Condition (खंडहर) में था और वहां से बिजली के उपकरणों सहित कई सरकारी सामान गायब थे। तेज प्रताप यादव के हालिया पलटवार पर मंत्री ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि वह जनता की सेवा के लिए आए हैं, न कि राजसी ठाठ-बाट के लिए। लखेंद्र पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें मिला बंगला पूरी तरह अव्यवस्थित था। उन्होंने सवाल उठाया कि Building Construction Department इस बात को स्पष्ट करे कि आवास छोड़ते समय वहां की स्थिति क्या थी। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, “स्वर्ग की कल्पना राजा के बेटे करते हैं, हम किसान-मजदूर के बेटे हैं।” उनके अनुसार, जब उन्होंने पदभार संभाला तो घर में न पंखे थे और न ही बल्ब, जिससे विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होते हैं।
‘राजशाही बनाम जनसेवा’: आवास विवाद पर लखेंद्र पासवान का तीखा पलटवार
मंत्री ने तेज प्रताप यादव को चुनौती देते हुए कहा कि जनता खुद तय करे कि पहले आवास की क्या स्थिति थी और अब क्या है। उन्होंने कहा कि सत्ता में उनका लक्ष्य केवल जनता का काम करना है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब तेज प्रताप ने पासवान के शुरुआती आरोपों का जवाब दिया था, जिसे अब पासवान ने ‘अहंकार’ करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए ताकि सरकारी संपत्ति के नुकसान का पता चल सके। मंत्री पासवान ने स्पष्ट किया कि आवास का मुद्दा केवल भौतिक सुविधाओं का नहीं, बल्कि सरकारी अनुशासन का है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती निवासियों ने Official Standards का उल्लंघन किया है। अब देखना यह है कि Social Media पर शुरू हुई यह जंग विधानसभा के गलियारों में और कितनी गर्मी बढ़ाती है।
Budget 2026 को बताया बिहार की उन्नति का आधार
इसी दौरान लखेंद्र पासवान ने बिहार विधानसभा के Budget Session पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने इसे एक Visionary Budget करार देते हुए कहा कि यह विकसित और समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनके अनुसार, इस बजट में Employment Generation, Women Empowerment, और Infrastructure Development पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो राज्य के जनादेश का वास्तविक सम्मान है। उन्होंने आगे कहा कि सड़क निर्माण, खेल और उद्योग जगत के लिए किए गए प्रावधान बिहार को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाएंगे। मंत्री के मुताबिक, यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि हर वर्ग के विकास का रोडमैप है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे विरोध की राजनीति छोड़कर इस सकारात्मक बजट का स्वागत करें।


