पटना: तमिलनाडु के कृषि मंत्री आर.के. पनीरसेल्वम द्वारा बिहारियों पर की गई टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने आज पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए तमिलनाडु के मंत्री पर कड़ा पलटवार किया। पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “एक बिहारी सौ पर भारी” केवल एक चुनावी नारा नहीं है, बल्कि यह बिहार के लोगों की अटूट क्षमता, उच्च संस्कार और उनके Bihari Self Respect (आत्मसम्मान) की असली पहचान है। मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि तमिलनाडु के मंत्री का बयान उनके संकीर्ण संस्कारों को दर्शाता है। बिहार के श्रमिक और मेधावी युवा आज देश के कोने-कोने में अपनी मेहनत से राज्यों के विकास की इबारत लिख रहे हैं। Agriculture (कृषि) क्षेत्र से लेकर तकनीकी विकास तक में बिहार के लोगों का Contribution अतुलनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार के स्वाभिमान के साथ किया गया कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘Bihari Self Respect’ और मेहनत पर गर्व: लखेंद्र पासवान का हमला
लखेंद्र पासवान ने तमिलनाडु के मंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की ओछी बयानबाजी शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि आज का बिहार एक ‘मजबूत बिहार’ की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के अन्न भंडार भरने में बिहार के मेहनतकशों का पसीना शामिल है, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। मंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता स्वाभिमानी है और अपने हक के लिए लड़ना जानती है। इस तरह के Controversial Statements न केवल दो राज्यों के संबंधों को खराब करते हैं, बल्कि देश की संघीय संरचना (Federal Structure) को भी चोट पहुँचाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार अब पिछलग्गू नहीं, बल्कि विकास का नेतृत्व करने वाला राज्य बन रहा है।
Women Empowerment: बिहार की पुलिस फोर्स में महिलाओं का दबदबा
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण (Women Empowerment) के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री लखेंद्र पासवान ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार में अपराधों पर कोई Action नहीं होता था, लेकिन आज कानून का राज है। यदि कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो सरकार और प्रशासन तुरंत Strict Action सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने बिहार के लिए एक गर्व का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि आज पूरे भारत में Women Police Force की सबसे अधिक भागीदारी बिहार में है। यह बिहार की ‘महिला सशक्तिकरण’ नीति का सबसे बड़ा प्रमाण है। पासवान के अनुसार, राज्य सरकार ने न केवल महिलाओं को सुरक्षा दी है, बल्कि उन्हें पुलिस बल में नेतृत्व करने के अवसर भी प्रदान किए हैं, जो पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल है।


