पटना: बिहार की नीतीश सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,47,589 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में घोषणा की कि इस Annual Budget का मुख्य लक्ष्य बिहार को ‘Developed States’ की श्रेणी में खड़ा करना है। इस वर्ष का कुल बजट पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले ₹32,066 करोड़ अधिक है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक सक्रियता को दर्शाता है। बजट की ‘Data-First Architecture’ के अनुसार, सरकार ने कुल बजट का लगभग 81.74 प्रतिशत यानी ₹2,84,133.99 करोड़ सीधे खर्च (Expenditure) के लिए अनुमानित किया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास की गति को तेज करने के लिए बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस Budget Presentation के दौरान सत्ता पक्ष ने इसे ‘समृद्ध बिहार’ का रोडमैप बताया, जबकि ऋण प्रबंधन को लेकर भी कई अहम खुलासे किए गए।
Debt Management और ऋण वापसी पर सरकार का विशेष रोडमैप
इस बार के बजट में ‘Debt Management’ यानी ऋण प्रबंधन पर सरकार ने अभूतपूर्व ध्यान दिया है। वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार कुल ₹22,664.83 करोड़ का कर्ज वापस (Repayment) करेगी। इसमें से ₹1,701.45 करोड़ केंद्र सरकार का ऋण है, जबकि ₹20,963.83 करोड़ पहले लिए गए अन्य ऋणों की वापसी के रूप में शामिल हैं। सरकारी खजाने पर बोझ कम करने के साथ-साथ विकास कार्यों के लिए ₹1,413.94 करोड़ के नए ऋण का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार की यह रणनीति दर्शाती है कि वह पुराने वित्तीय बोझ को कम करते हुए New Investments और Infrastructure Projects के लिए संतुलित वित्तीय रास्ता तलाश रही है। ‘Fiscal Discipline’ बनाए रखना इस बजट की एक बड़ी विशेषता के रूप में उभर कर सामने आई है।
Student Credit Card और MSME सेक्टर के लिए भारी भरकम Allocation
शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने ‘Student Credit Card Scheme’ के लिए ₹886 करोड़ का बड़ा फंड अलॉट किया है, जिससे उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले हजारों युवाओं को मदद मिलेगी। इसके साथ ही, ग्रामीण और लघु उद्योगों (MSME Sector) को संजीवनी देने के लिए ₹347.37 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी। ऊर्जा क्षेत्र और सरकारी तंत्र को मजबूत करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान हैं। बिजली परियोजना कंपनियों के लिए ₹82.07 करोड़ और सरकारी कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए ₹39 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री ने अपने Budget Speech में भरोसा दिलाया कि यह आवंटन न केवल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि बिहार के समग्र ‘Industrial Output’ को भी बढ़ाएगा।


