बिहार के Patna में आज शिक्षा विभाग के हजारों Outsourced Employees ने अपनी मांगों को लेकर BJP State Office का जोरदार घेराव किया। ये कर्मी 31 मार्च 2025 को नौकरी से निकाले जाने के बाद से लगातार अपनी बहाली के लिए भटक रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार और विभाग द्वारा पिछले 10 महीनों से केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर उनकी Job Security को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विवाद तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी अपनी फरियाद लेकर Deputy CM Samrat Chaudhary से मिलने पहुंचे, लेकिन कथित तौर पर भाजपा कार्यालय के दरवाजे उनके लिए बंद कर दिए गए। आक्रोशित कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 10 महीनों से नेताओं और विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है।
K.K. Pathak के कार्यकाल में हुई थी नियुक्ति, अब बहाली का इंतजार
इन कर्मियों ने बताया कि उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग के तत्कालीन सचिव K.K. Pathak के कार्यकाल के दौरान हुई थी। उस समय पारदर्शी Selection Process के तहत उन्हें Outsourcing के माध्यम से काम पर रखा गया था। हालांकि, 31 मार्च 2025 को बिना किसी Official Notification या कारण बताए हजारों लोगों को अचानक Job से टर्मिनेट कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, विभाग के इस फैसले ने हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। कर्मियों का दावा है कि उनके पास काम करने का अनुभव है और विभाग में रिक्तियां होने के बावजूद उन्हें वापस काम पर नहीं लिया जा रहा है, जो उनके Eligibility Criteria और अधिकारों का उल्लंघन है।
आश्वासन से नहीं, काम से बनेगा बात: प्रदर्शनकारियों की चेतावनी
बीजेपी कार्यालय के बाहर डटे कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि सरकार के प्रतिनिधियों ने कई बार Job Re-joining का आश्वासन दिया, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और उनकी सेवाओं को बहाल करने के लिए Official Order जारी करें। फिलहाल, भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी Joining सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि Bihar Government इन बेरोजगार हुए युवाओं की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।


