तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (Chennai) में बिहार के शेखपुरा जिले के एक ही परिवार के तीन सदस्यों की Triple Murder का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। शेखपुरा के पथलाफार गाँव निवासी 24 वर्षीय गौरव कुमार, उनकी पत्नी मुनीता कुमारी और उनके 2 साल के मासूम बेटे बीरबन की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। यह सनसनीखेज वारदात चेन्नई के अड्यार (Adyar) इलाके में हुई, जहाँ गौरव एक Security Guard के रूप में नौकरी कर रहे थे। चेन्नई पुलिस ने अब तक गौरव और उनके मासूम बेटे का शव अलग-अलग जगहों से बरामद कर लिया है, जबकि पत्नी की तलाश अब भी जारी है। Primary Investigation और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने इस मामले में 7 संदिग्धों को Custody में लिया है। शुरुआती पूछताछ में यह सामूहिक हत्याकांड आपसी विवाद और यौन उत्पीड़न (Sexual Abuse) जैसे गंभीर एंगल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
Adyar River के पास मिला मासूम का शव, CCTV से हुआ खुलासा
इस भयावह हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब अड्यार इलाके में एक लावारिस बोरी से तेज दुर्गंध आने लगी। स्थानीय पुलिस ने जब बोरी खोली तो उसमें गौरव कुमार की Dead Body बरामद हुई। पुलिस ने जब आसपास के CCTV Footage खंगाले और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने गौरव की पत्नी और बच्चे की भी हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार, 2 साल के बच्चे बीरबन का शव मध्य कैलाश के पास अड्यार नदी से बरामद किया गया है। फिलहाल चेन्नई पुलिस की विशेष टीमें मुनीता कुमारी की Missing Body की तलाश में नदी और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने गौरव और उसके परिवार को रास्ते से हटाने के लिए इस खौफनाक Crime को अंजाम दिया और साक्ष्य छिपाने के लिए शवों को अलग-अलग फेंक दिया।
15 जनवरी को गए थे चेन्नई, Sheikhpura के गाँव में पसरा मातम
मृतक गौरव के पिता सुलेंद्र यादव ने बताया कि गौरव बीते 15 जनवरी को ही पहली बार अपनी पत्नी और बच्चे के साथ चेन्नई गया था। वह अपने ससुराल (नालंदा जिला) में रह रहा था और वहां से बेहतर भविष्य की तलाश में चेन्नई पहुंचा था। घटना की सूचना मिलते ही शेखपुरा के पथलाफार गाँव में मातम पसर गया है। परिजनों ने Sheikhpura Town Police Station में लिखित आवेदन देकर उच्चस्तरीय जांच और न्याय की गुहार लगाई है। चेन्नई पुलिस अब पकड़े गए 7 आरोपियों से कड़ाई से Interrogation कर रही है ताकि हत्या के सही कारणों और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके। मृतक के बड़े भाई सौरव ने शवों की पहचान कर ली है। पुलिस अब Post-mortem Report का इंतजार कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि तीनों की हत्या किस प्रकार की गई थी। इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


