Jamtara Cricket Association Controversy: JDCA पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, स्थानीय खिलाड़ियों का ‘Indefinite Strike’ का ऐलान

Patrakar Babu News Desk
3 Min Read
JDCA Jamtara Corruption

जामताड़ा (झारखंड): जामताड़ा जिला क्रिकेट एसोसिएशन (JDCA) में कथित अनियमितताओं और ‘Systemic Corruption’ के खिलाफ स्थानीय खिलाड़ियों ने मोर्चा खोल दिया है। 29 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालय पर ‘Protest’ करते हुए क्रिकेटर्स ने एसोसिएशन पर बाहरी राज्यों (विशेषकर बंगाल और बिहार) के खिलाड़ियों को अवैध रूप से खिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। खिलाड़ियों की स्पष्ट मांग है कि वर्तमान ‘Management Committee’ को तुरंत भंग कर नई ‘Governing Body’ का गठन किया जाए। यह विवाद तब गहरा गया जब खिलाड़ियों ने जामताड़ा की सड़कों पर उतरकर ‘Cricket Association’ के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। खिलाड़ियों का आरोप है कि जामताड़ा के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए बनी इस संस्था में अब ‘Local Talent’ को दरकिनार कर ‘Outside Players’ को प्राथमिकता दी जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते खेल गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और ‘Local Police’ को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।

JDCA Corruption: बाहरी खिलाड़ियों की ‘Illegal Entry’ और धमकी का आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे खिलाड़ी आशुतोष दुबे ने मीडिया को बताया कि JDCA द्वारा बंगाल और बिहार जैसे राज्यों से खिलाड़ियों को बुलाकर उन्हें जामताड़ा की टीम में जगह दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल ‘Illegal Money’ और आपसी सांठगांठ के तहत चल रहा है। आशुतोष के अनुसार, “अगर कोई स्थानीय खिलाड़ी इस धांधली के खिलाफ ‘Voice Raise’ करता है, तो एसोसिएशन के पदाधिकारी उसे ‘Career Ban’ करने की धमकी देते हैं।” इस ‘Toxic Environment’ का असर जामताड़ा के क्रिकेट भविष्य पर पड़ रहा है। खिलाड़ियों का दावा है कि एसोसिएशन के दुर्व्यवहार और मानसिक दबाव के कारण कई होनहार खिलाड़ी और महिला क्रिकेटर्स अब दूसरे जिलों का रुख करने को मजबूर हैं। स्थानीय खिलाड़ियों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस पूरे मामले की ‘Impartial Investigation’ नहीं होती, वे अपनी ‘Indefinite Strike’ खत्म नहीं करेंगे।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग और ‘Official Memorandum’

खिलाड़ी निवास मंडल ने एसोसिएशन के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि खिलाड़ियों को धमकाकर चुप कराने की कोशिश की जा रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि “बाहर के खिलाड़ी खेल रहे हैं और जामताड़ा के अपने लड़के बाउंड्री के बाहर बैठे हैं।” इस ‘Selection Process’ में पारदर्शिता की कमी के कारण खिलाड़ियों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने घोषणा की है कि वे जल्द ही जामताड़ा उपायुक्त (Deputy Commissioner) को एक ‘Official Memorandum’ सौंपेंगे। उनकी मांग है कि जिला प्रशासन इस ‘Corruption Scandal’ की जांच कराए और दोषियों पर ‘Strict Action’ ले। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या स्थानीय खिलाड़ियों को उनका हक मिलेगा या यह ‘Cricket Politics’ जामताड़ा के टैलेंट को बर्बाद कर देगी।

TAGGED:
Share This Article
Follow:
Patrakar Babu News Desk (पत्रकार बाबू न्यूज़ डेस्क) हमारी पूरी संपादकीय टीम की सामूहिक आवाज़ है। यहाँ अनुभवी पत्रकारों, रिसर्चर्स और संपादकों की एक समर्पित टीम 24/7 काम करती है ताकि आप तक देश-दुनिया, राजनीति, शिक्षा और समाज से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर सबसे पहले और सटीकता के साथ पहुँच सके।
कोई टिप्पणी नहीं